युद्ध के बीच मोदी का कांग्रेस पर तीखा हमला

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और वैश्विक तनाव के बीच भारत की राजनीति में भी आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि संकट की घड़ी में भी पार्टी देश में गलत जानकारी और भ्रम फैलाने में लगी हुई है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं से देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के पुराने भाषणों को सुनने की सलाह दी।प्रधानमंत्री ने असम की राजधानी गुवाहाटी में कई विकास परियोजनाओं के उद्घाटन के दौरान यह टिप्पणी की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार देश को आत्मनिर्भर बनाने और किसानों को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है, जबकि कांग्रेस संकट के समय भी राजनीतिक लाभ के लिए भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को पंडित जवाहरलाल नेहरू का 15 अगस्त का वह भाषण याद करना चाहिए, जिसमें उन्होंने कहा था कि उत्तर और दक्षिण कोरिया के बीच युद्ध का असर भारत में महंगाई पर पड़ सकता है। प्रधानमंत्री के अनुसार उस समय नेहरू ने यह स्पष्ट किया था कि भले ही वह संघर्ष भारत से हजारों किलोमीटर दूर हो, लेकिन वैश्विक परिस्थितियों का असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। मोदी ने आरोप लगाया कि आज कांग्रेस उसी तथ्य को नजरअंदाज कर लोगों को गुमराह करने का प्रयास कर रही है।प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि उनकी सरकार ने कोविड-19 महामारी और उसके बाद दुनिया के कई हिस्सों में हुए संघर्षों के बावजूद भारत के कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाए रखा। उन्होंने बताया कि सरकार किसानों को आर्थिक सहायता देने के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से सीधे उनके खातों में धनराशि भेज रही है। साथ ही उन्होंने कांग्रेस पर यह आरोप भी लगाया कि पार्टी चुनाव के समय यह अफवाह फैला रही है कि चुनाव के बाद किसानों को यह पैसा वापस करना पड़ेगा।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि किसानों का कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि लंबे समय तक कांग्रेस सरकारों की नीतियों के कारण भारत कृषि क्षेत्र में कई मामलों में विदेशी संसाधनों पर निर्भर हो गया था। वैश्विक संघर्षों के दौरान जब आपूर्ति शृंखला प्रभावित होती है तो इसका सीधा असर उर्वरकों और कृषि लागत पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि इसी चुनौती से निपटने के लिए उनकी सरकार ने “पर ड्रॉप, मोर क्रॉप” जैसी योजनाओं को आगे बढ़ाया है, जिसके तहत ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी माइक्रो-इरिगेशन तकनीकों को किसानों तक पहुंचाया गया है।प्रधानमंत्री ने असम में चुनावी माहौल का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर समुदायों के बीच विभाजन पैदा करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कांग्रेस को “झूठे वादों की दुकान” बताते हुए कहा कि पार्टी हर वादे के साथ कई “सुपर झूठ” भी पेश करती है। उनके अनुसार कांग्रेस का उद्देश्य वादों को पूरा करना नहीं बल्कि राजनीतिक लाभ हासिल करना है।कुल मिलाकर पश्चिम एशिया के युद्ध के बीच देश की राजनीति में भी तीखी बयानबाजी देखने को मिल रही है। जहां एक ओर सरकार अपनी नीतियों और उपलब्धियों को सामने रख रही है, वहीं विपक्ष उस पर सवाल उठा रहा है। ऐसे समय में यह बहस केवल राजनीति तक सीमित नहीं रहती, बल्कि इसका असर देश की आर्थिक और सामाजिक चर्चा पर भी दिखाई देता है।
(वीपी राहुल-हिफी फीचर)



