सौहार्द बिगाड़ने वालों पर योगी का ऐक्शन

उत्तर प्रदेश मंे योगी आदित्यनाथ की सरकार सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने और कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर कार्रवाई करने मंे कभी विलम्ब नहीं करती है। ऐसा ही एक मामला एक वेब सिरीज को लेकर सामने आया है। कला का उद्देश्य समाज को स्वस्थ मनोरंजन के साथ अच्छी शिक्षा देने का होना चाहिए लेकिन कभी-कभी कला भी अपने उद्देश्य से भटक जाती है। एक वेब सिरीज घूसखोर पंडत से ब्राह्मण समाज विशेष रूप से आहत हो रहा है। अन्य वर्गों की तरफ से भी इसका विरोध किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी के आदेश पर वेब सिरीज के खिलाफ लखनऊ में एफआईआर दर्ज की गयी है।
यूपी में श्घूसखोर पंडतश् वेब सीरीज पर विवाद बढ़ गया है। ब्राह्मण समाज ने इस वेब सीरीज के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ब्राह्मण समाज को इस फिल्म के टाइटल पर एतराज है। वहीं, राजनीतिक दल भी इसका विरोध कर रहे हैं। प्रदेश में बड़े पैमाने पर विरोध को देखते हुए घूसखोर पंडत वेब सीरीज पर एफआईआर दर्ज की गई है। ये कार्रवाई सीएम योगी के आदेश पर हुई है। सरकार का कहना है कि सामाजिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत ये कार्रवाई की गई है। हजरतगंज कोतवाली के एसएचओ विक्रम सिंह ने 5 फरवरी को खुद यह प्राथमिकी दर्ज कराई। विक्रम सिंह ने कहा कि पुलिस ने फिल्म घूसखोर पंडत के निदेशक और उनकी टीम के खिलाफ एक जाति विशेष को अपमानित करने और वैमनस्यता फैलाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की है। यह प्राथमिकी भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 196 (धर्म, जाति और भाषा के आधार पर वैमनस्यता को बढ़ावा देना), 299 (जानबूझकर द्वेषपूर्ण तरीके से किसी वर्ग की भावनाओं को आहत करना), 352 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान), 353 (सार्वजनिक उपद्रव से संबंधित) और सूचना प्रौद्योगिकी संशोधन अधिनियम की धारा 66 के तहत दर्ज की गई है।
एसएचओ ने शिकायत में कहा है कि ओटीटी मंच नेटफ्लिक्स पर एक फिल्म घूसखोर पंडत उसके निदेशक एवं उनकी टीम द्वारा रिलीज की जा रही है। उन्होंने शिकायत की है कि इस फिल्म का नाम एक विशेष जाति को चिह्नित कर उसे अपमानित करता है जिससे उस जाति विशेष में काफी रोष व्याप्त है। प्राथमिकी के अनुसार, कई सामाजिक संगठन एवं संस्थाओं की फिल्म को लेकर उग्र प्रदर्शन करने की तैयारी भी है। निदेशक द्वारा प्रसारित की गई इस फिल्म से समाज में सौहार्द एवं शांति बिगड़ने एवं समुदायों के बीच वैमनस्यता फैलने की आशंका है। वेब सीरीज में जातिगत भावनाएं आहत करने का आरोप है। इसके अलावा वैमनस्य फैलाने और सौहार्द बिगाड़ने के उद्देश्य से सामग्री प्रसारण का भी आरोप है।
बसपा प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने भी घूसखोर पंडत वेब सीरीज पर कड़ी आपत्ति जताई है। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने इस मामले पर कहा कि हर समाज हर धर्म का सम्मान होना चाहिए। किसी भी धर्म को समाज को नीचा दिखाने का काम बर्दाश्त नही किया जाएगा। पहले फिल्मों में ठाकुरों को बदनाम करने की कोशिश की गई अब ब्राह्मणों को बदनाम करने की कोशिश हो रही है। यूपी सरकार किसी भी धर्म जाति को बदनाम करने की साजिश बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
(मोहिता-हिफी फीचर)



