…बड़े धोखे हैं व्यापार में

मनीषा कहती हैं कि उन्हें लग रहा था कि अब यदि दुकान से सामान भेजा भी गया तो वह दोषपूर्ण और निम्न स्तर का हो सकता है। इसलिए उन्होंने मार्च 2026 में दुकान पर फिर फोन किया। सिलपायन दुकान मालिकान ने इस पर रुखे शब्दों में कहा कि आपको दुकान से कम से कम 1 (एक) लाख रुपये का सामान खरीदना पड़ेगा तभी आपके 8 हजार रुपये एडजस्ट किये जाएंगे।
आपने एक पुरानी फिल्म का यह गाना तो सुना ही होगा- बाबू जी धीरे चलना, प्यार में जरा संभलना, बड़े धोखे हैं इस प्यार में…। अब यह धोखा जीवन के कई क्षेत्रों में देखा जा रहा है। प्यार ही नहीं व्यापार में भी लोग ठग रहे हैं। नामचीन लोग ब्रांड एम्बेसडर बनकर लोगों को लुभाते हैं और जनसामान्य धोखाधड़ी का शिकार हो जाता है। उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद मंे एक निजी बैंक का क्रेडिट कार्ड बनवाने वाले सैन्यकर्मी फैयाज अहमद खान धोखाधड़ी के शिकार हो गये। उस बैंक की ब्रांड एम्बेसडर जानी मानी फिल्म अभिनेत्री दीपिका पादुकोण हैं। तीन लोगों के खिलाफ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में याचिका दायर गयी। अदालत ने नोटिस जारी करने के आदेश दिये हैं। इसी तरह देशी घी से निर्मित उत्पाद के नाम पर डालडा और रिफाइण्ड खिलाया जाता है। आनलाइन ही नहीं अब तो दुकानों से सामान बेचने के नाम पर भी धोखाधड़ी हो रही है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक मीडिया ग्रुप की प्रधान सम्पादक ने भी पश्चिम बंगाल की एक जानी मानी दुकान पर 8 हजार रुपये हड़पने और मानसिक रूप से परेशान करने का आरोप लगाया है। इस संदर्भ में प्रधान सम्पादक ने दुकान मालिकान के खिलाफ लीगल कार्यवाही की है।
मीडिया ग्रुप की प्रधान सम्पादक मनीषा कपूर ने बताया कि गत वर्ष अक्टूबर में वह अपनी बेटी को परीक्षा दिलाने पश्चिम बंगाल स्थित शांति निकेतन गयी थी। इसी दौरान 27 अक्टूबर को शंति निकेतन स्थित बोलपुर मंे एक साड़ी निर्माता और थोक व्यापारी बर्षा शिल्पायन पहुंचीं जो कांथा स्टिच सिल्क और टसर साड़ियों के लिए विख्यात है। दुकान के मालिकान आनलाइन भी अपना सामान बेंचने का दावा करते हैं। मनीषा जी ने बताया कि 27 अक्टूबर 2025 को उन्होंने दुकान में कुछ साड़ियां निकलवायीं। समय की कमी और स्वास्थ्य कारणों से एक भी साड़ी लिये बगैर वह दुकान से चली गयीं लेकिन दुकान पर आनलाइन 8 (आठ) हजार रुपये भुगतान कर यह कहते हुए चली गयीं कि अगले दिन दुकान पर आकर साड़ियां ले लूंगी। इस बीच कुछ अपरिहार्य कारण वश उन्हें कोलकाता जाना पड़ा। इस कारण 28 अक्टूबर 2025 को सुबह ही उन्होंने दुकान को फोन कर सूचित किया कि चयनित साड़ियों में से केवल पांच-छह साड़ियां ही रखें बाकी हटा दें। इसके बाद उन पांच-छह साड़ियों को आनलाइन दिखा दें। उनमें से पसंद के अनुसार कुछ साड़ियां खरीद लेंगी।
मनीषा कपूर बताती हैं कि इसके बाद दुकान से दो-तीन बार फोन से बात हुई और लगभग 15-20 दिन बाद जब दुकान से सेल्समैन आनलाइन साड़ियां दिखाने लगा तो दुकान की मालकिन वर्षा शिल्पायन ने बोला कि आपको कम से कम 40 (चालीस) हजार की साड़ियां खरीदनी पड़ेंगी, नहीं तो हम आपके पैसे वापस नहीं करेंगे। मनीषा कपूर बताती हैं कि इस संबंध में दुकान मालिकान से लम्बा वाद-विवाद हुआ। दुकान मालिकान ने धमकी भी दी। इस विवाद के बाद दुकान से कोई फोन नहीं आया। मनीषा कहती हैं कि चूंकि हमारा पैसा जमा था इसलिए कई बार हमारी तरफ से फोन किया गया और मैसेज भी भेजे गये। दुकान के नकारात्मक रवैये से मानसिक रूप से काफी पीड़ा हुई और दुकान पर से विश्वास उठ गया।
मनीषा कहती हैं कि उन्हें लग रहा था कि अब यदि दुकान से सामान भेजा भी गया तो वह दोषपूर्ण और निम्न स्तर का हो सकता है। इसलिए उन्होंने मार्च 2026में दुकान पर फिर फोन किया। सिलपायन दुकान मालिकान ने इस पर रुखे शब्दों में कहा कि आपको दुकान से कम से कम 1 (एक) लाख रुपये का सामान खरीदना पड़ेगा तभी आपके 8 हजार रुपये एडजस्ट किये जाएंगे।
मनीषा कपूर बताती हैं कि दुकान मालिकान ने यह बात सिर्फ कही ही नहीं बल्कि मैसेज और बायस नोट भी भेजा, जिसका प्रमाण मोबाइल में सुरक्षित है। मनीषा कपूर ने बताया कि उन्होंने दुकान मालिकान से कहा कि मेरे और आपके बीच दुकान पर या किसी भी माध्यम से ऐसा कोई समझौता नहीं किया गया था कि इतना सामान लेना ही पड़ेगा, फिर यह जबर्दस्ती खरीदने का दबाव क्यों डाला जा रहा है?
मनीषा कपूर बहुत दर्द के साथ कहती हैं कि मुझे यह लगता है कि बदनीयती और 8 हजार रुपये हजम करने के उद्देश्य से इस प्रकार की बातें दुकान मालिक कर रहे हैं। वह कहती हैं कि इतनी कहासुनी और दबाव के बाद कोई ग्राहक ऐसी दुकान से कोई सामान खरीदना पसंद नहीं करेगा। ऐसे दुकानदार ग्राहकों को धोखा देने में माहिर होते हैं। उनके खिलाफ प्रशासन को कड़ा कदम उठाना चाहिए।
अब उस बैंक के क्रेडिट कार्ड का मामला देखिए। उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद स्थित एक निजी बैंक की तारीफ फिल्म की जानी मानी अभिनेत्री दीपिका पादुकोण करती हैं। इस बात ने सैन्यकर्मी फैयाज अहमद खान को प्रभावित किया। उन्हांेने उस बैंक का क्रेडिट कार्ड बनवाया। किसी कारणवश वह क्रेडिट कार्ड बंद हो गया था। कुछ दिनों बाद जब फैयाज अहमद ने अपना क्रेडिट कार्ड दुबारा चालू कराने का प्रयास किया तो उनको नया क्रेडिट कार्ड लेने की सलाह दी गयी। नया कार्ड मिलने पर स्टेटमेंट मंे 58376 की अनधिकृत कटौती का पता चला। फैयाज अहमद ने दीपिका पादुकोण समेत तीन लोगों के खिलाफ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में याचिका दायर की। गत 24 मार्च को उस याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने मामले मंे नोटिस जारी करने के आदेश दिये हैं।
ये मामले तो नमूना भर हैं। सामान्य जनता को कहां-कहां और कैसे ठगा जा रहा है, इसकी पीड़ा तो भुक्तभोगी ही जानते हैं। (हिफी)



