योगी ही रहेंगे यूपी में चेहरा

अगले साल अर्थात् 2027 में देश के पांच राज्यों में विधानसभा के चुनाव होने हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण उत्तर प्रदेश है
जहां राम मंदिर मंे चढ़ावे की चोरी का मामला विपक्षी दल तेजी से उछाल रहे हैं। इसकी आंच भाजपा तक पहुंचे, इससे पहले ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बचाव से ज्यादा आक्रामक शैली को अपनाया है। उन्हांेने सरकार की तरफ से संवैधानिक कदम उठाने में विलम्ब नहीं किया।
वह यह बात शुरू से कह रहे हैं कि इस प्रकरण में दोषी व्यक्ति को कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी, चाहे वह कितने ही बड़े पद पर बैठा हो। इस बीच विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की तरफ से भी आधिकारिक बयान जारी हुए।
यूपी के माहौल का जायजा लेने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितन नवीन भी लखनऊ आए। उन्हांेंने भाजपा के सहयोगी दलों और पूर्व प्रदेश अध्यक्षों के साथ बैठक कर समन्वय बनाये रखने पर विशेष रूप से जोर दिया है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विनय कटियार बैठक में शामिल नहीं हुए, यह चर्चा का विषय जरूर रहा लेकिन नितिन नवीन ने अप्रत्यक्ष रूप से कह दिया कि 2027 के चुनाव मंे भी योगी आदित्यनाथ ही यूपी का चेहरा रहेंगे।
पार्टी कार्यकर्ताओं में विशेष रूप से जोश भरा गया है।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने लखनऊ मंे अपने दो दिवसीय प्रवास के दौरान एक तरफ जहां चुनाव की तैयारियों का फीड बैक लिया, वहीं बूथ स्तर की मजबूती पर विशेष जोर दिया गया। भाजपा लम्बे समय से बूथ स्तर को अपनी सबसे बड़ी ताकत मानती है। नितिन नवीन का यह दौरान उसी रणनीति का एक हिस्सा माना जा रहा है।
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का बूथ
अध्यक्ष के घर जाकर उनके जन्मदिन मंे शामिल होना यही दर्शाता है। लखनऊ के पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में बूथ संख्या 4 के अध्यक्ष शिवाजी रावत हैं। नितिन नवीन को यह जानकारी मिली तो वह प्रदेश अध्यक्ष पंकज चैधरी प्रदे
उपाध्यक्ष डा. नीरज सिंह, लखनऊ महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी एवं मंडल अध्यक्ष विमल चैधरी के साथ उनके आवास पर पहुंचे और मिठाई खिलाकर जन्मदिन पर मुंह मीठा किया।
नितिन नवीन भाजपा के सहयोगी दलों के मुखिया से भी अलग-अलग मिले। इसके बाद सामूहिक बैठक की। बताया जाता है कि अलग-अलग बैठक में सहयोगी दलों ने सीटों की संख्या पर अपना जोर दिया तो राष्ट्रीय अध्यक्ष ने साफ कहा कि आप लोग जीतने वाले प्रत्याशी पर ज्यादा ध्यान दें। सीटों की संख्या कोई बड़ा मामला नहीं है। निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद ने अपने कार्यकर्ताओं के समायोजन का मामला उठाया। नितिन नवीन ने बाद मंे पत्रकारों से बातचीत में कहा कि हम यह सुनिश्चित करेंगे कि एनडीए के सभी सहयोग दल मिलकर काम करते रहें।
इससे पूर्व भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने चुनावी रण का आगाज करते हुए दावा किया था कि यूपी मंे 2027 में भाजपा जी की हैट्रिक लगाएगी। योगी की रणनीति का समर्थन करते हुए नितिन नवीन ने यह भी कहा कि भाजपा को विपक्ष के नकारात्मक मुद्दों का पूरी आक्रामकता के साथ जवाब देना होगा।
इस प्रकार उत्तर प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन या चुनाव में चेहरा बदलने जाने के तमाम कयासों पर विराम लग गया है। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने इस मसले पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि योगी आदित्यनाथ ही भाजपा का चेहरा अगले चुनाव में बने रहेंगे। दरअसल, हाल के दिनों में मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर विपक्ष की ओर से तमाम कयासबाजियां हुईं।
लोकसभा चुनाव 2024 में भाजपा के प्रदर्शन में गिरावट के बाद समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी यूपी में नेतृत्व परिवर्तन के दावे किए। हालांकि, अब भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की ओर से इस दिशा में साफ कर दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा है कि यूपी चुनाव 2027 में योगी आदित्यनाथ ही भाजपा का चेहरा होंगे।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि योगी आदित्यनाथ हमारे मुख्यमंत्री हैं। हम उनके नेतृत्व में ही शासन चला रहे हैं, इसलिए वे निश्चित रूप से पार्टी का चेहरा बने रहेंगे। इसके अलावा नितिन नवीन ने यूपी में भाजपा सरकार के बेहतर प्रदर्शन और कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर राज्य नेतृत्व की पीठ थपथपाई।
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने 4 जुलाई को उत्तर प्रदेश दौरे के पहले दिन मुख्यमंत्री, दोनों उपमुख्यमंत्री व सांसदों के साथ होटल ताज में आयोजित बैठक में विपक्ष पर तंज कसा, वहीं योगी सरकार की कानून-व्यवस्था को सुशासन का राष्ट्रीय माडल बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेतृत्व में देश और उत्तर प्रदेश अब घोर निराशा, तुष्टिकरण और भ्रष्टाचार के काले दौर से बाहर निकल गया है। भ्रामक नैरेटिव का शिकार हुए बिना कार्यकर्ता ताकत से चुनावी मैदान में उतरें। नवीन ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले का
उत्तर प्रदेश और वर्ष 2005 से पहले का बिहार एक ऐसे काले दौर से गुजर रहे थे, जब इन राज्यों की पहचान देश-दुनिया में केवल अराजकता, चरम भ्रष्टाचार और संकीर्ण जातिवाद के कारण होती थी। हर इलाके में अलग-अलग ‘क्षत्रप’ (बाहुबली और माफिया) समानांतर सत्ता चलाते थे।
योगी सरकार ने इन सभी अराजकतावादी तत्वों, माफिया और क्षेत्रीय क्षत्रपों का नाश कर कानून का राज स्थापित किया है, जिसकी चर्चा आज पूरे देश में एक माडल के रूप में हो रही है। उस दौर में कश्मीर में सरेआम पाकिस्तान के झंडे लहराए जाते थे, लेकिन भारत का राष्ट्रीय ध्वज ले जाने के लिए देशभक्तों को उसे सूटकेस और अखबार के बंडलों में छिपाकर ले जाना पड़ता था।
आज लाल चैक पूरी शान से तिरंगा फहराता है। नितिन नवीन ने आगाह किया कि विपक्षी दल एक बार फिर जातियों का कार्ड खेलने की कोशिश कर रहे हैं। सांसदों और विधायकों से आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों, बूथ सशक्तीकरण और जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रत्येक घर तक पहुंचाने का आह्वान किया।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा, भाजपा का मूल मंत्र सेवा, सुशासन और संगठन है तथा प्रत्येक सांसद और विधायक को जनता के विश्वास पर खरा उतरते हुए विकास और जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी पड़ेगी। भाजपा यही काम कर रही है।
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने लखनऊ में एनडीए के सहयोगी दलों के साथ अहम बैठक की। इस बैठक में 2027 विधानसभा चुनाव की रणनीति पर विस्तृत चर्चा हुई।
इस बैठक के बाद नितिन नवीन ने कहा बीजेपी चुनावी मैदान में पूरी तरह तैयार है। एनडीए की सभी सहयोगी पार्टियों ने उत्तर प्रदेश को बेहतरीन राज्य बनाने के लिए काम किया है। प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सेवा भाव को देखते हुए मुझे पूरा भरोसा है कि 2027 में हम भारी बहुमत से सरकार बनाएंगे।
इस बैठक में आरएलडी के राष्ट्रीय महासचिव त्रिलोक त्यागी, निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद, सुभासपा चीफ ओम प्रकाश राजभर और अपना दल से आशीष पटेल मौजूद रहे। जाहिर है कि नितिन नवीन ने भाजपा के सहयोगी दलों की शिकायतों को भी दूर कर
दिया है।
बैठक से निकलने के बाद निषाद पार्टी अध्यक्ष संजय निषाद ने कहा हमने संगठनात्मक स्तर पर बेहतर काम करने और चुनावों में जीत हासिल करने की रणनीति पर चर्चा की। वहीं सुभासपा चीफ ओम प्रकाश राजभर ने बैठक के बाद कहा कि 2027 में 2017 से बड़ी जीत होगी। उन्होंने 83 विधानसभा सीटों पर बूथ अध्यक्ष बनाने और राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा पाने के लिए 13 सीटें जीतने की मांग का जिक्र किया।
नितिन नवीन ने सभी सहयोगी दलों को साथ लेकर आगे बढ़ने का भरोसा दिलाया। इस बैठक में गोंड, खरवार, प्रजापति और पाल वोट बैंक पर भी चर्चा हुई। यह बैठक 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा की तैयारियों को मजबूत करने वाली मानी जा रही है। सभी दलों ने एकजुटता का संदेश दिया है। इससे पहले नितिन नवीन ने बीजेपी के पूर्व अध्यक्षों के साथ भी बैठक की थी। बीजेपी अध्यक्ष मिशन 27 के लिए पार्टी की हर कमी को दूर करने की कोशिश कर रहे हैं और उन्होंने एकजुटता का भी संदेश दिया।
(अशोक त्रिपाठी-हिफी फीचर)



