केंद्रीय बजट से यूपी को बड़ी उम्मीदें

2027 के राज्य विधानसभा चुनावों से करीब एक साल पहले उत्तर प्रदेश की नजरें अब 1 फरवरी को पेश होने वाले केंद्रीय बजट 2026-27 पर टिकी हैं। राज्य सरकार को उम्मीद है कि इस बार केंद्र से मिलने वाले केंद्रीय करों के हिस्से (टैक्स डेवोल्यूशन) में बढ़ोतरी होगी, साथ ही इन्फ्रास्ट्रक्चर, कृषि और औद्योगिक विकास को लेकर मिलने वाली ग्रांट्स भी बढ़ाई जाएंगी।
वित्त विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश को मिलने वाला बड़ा फायदा केंद्रीय करों में हिस्सेदारी, केंद्र प्रायोजित योजनाओं और वित्त आयोग की सिफारिशों के जरिए आ सकता है। हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित प्री-बजट बैठक में उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कई परियोजना आधारित मांगें रखीं। इनमें सबसे प्रमुख मांग लखनऊ, कानपुर और आगरा में मेट्रो रेल विस्तार के लिए 32,075 करोड़ रुपये की थी। इसके साथ-साथ नए शहरों में मेट्रो नेटवर्क विकसित करने की जरूरत भी जताई गई। राज्य ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एक एम्स और बुंदेलखंड में एक आईआईटी की मांग को भी बजट प्राथमिकताओं में शामिल करने का आग्रह किया। इन मांगों को प्रदेश सरकार विकास के साथ-साथ क्षेत्रीय संतुलन के नजरिए से भी महत्वपूर्ण मान रही है। जानकारों के अनुसार, उत्तर प्रदेश की केंद्रीय करों और शुल्कों में हिस्सेदारी 2025-26 के 2.55 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2026-27 में 2.80 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। इससे पहले 2024 से 2025 के बीच राज्य की हिस्सेदारी में 36,285 करोड़ रुपये की वृद्धि दर्ज हुई थी, जब यह 2,18,886.84 करोड़ रुपये से बढ़कर 2,55,172.21 करोड़ रुपये हो गई थी। यह संकेत देता है कि केंद्र से मिलने वाली राशि में बढ़ोतरी का ट्रेंड जारी रह सकता है।इसी तरह, केंद्र प्रायोजित योजनाओं का आउटले भी बढ़ने की संभावना है। पिछले वर्ष यह राशि करीब 96,000 रुपये करोड़ थी, जो अब 1 लाख करोड़ रुपये तक जा सकती है। ये योजनाएं 60ः40 या कुछ मामलों में 90ः10 के फंडिंग पैटर्न पर चलती हैं और शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, आवास जैसी सामाजिक और विकासात्मक जरूरतों में राज्यों को मजबूती देती हैं। वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर उत्तर प्रदेश को 2025-26 में 10,000 करोड़ रुपये का आवंटन मिला था। वहीं केंद्र द्वारा पूरी तरह फंडेड योजनाओं में राज्य का हिस्सा 2025-26 के लगभग 13,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 15,000 करोड़ रुपये तक हो सकता है। इसके अलावा, 2025-26 में इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए ब्याज मुक्त ऋण योजना के तहत यूपी को 18,000 करोड़ रुपये मिले थे जो इस बार 20,000 करोड़ रुपये से अधिक हो सकते हैं। कुल मिलाकर, बजट 2026-27 उत्तर प्रदेश के लिए केवल आर्थिक दस्तावेज नहीं, बल्कि विकास, राजनीतिक तैयारी
और भविष्य की दिशा तय करने वाला अहम पड़ाव साबित हो सकता है।(वीपी राहुल-हिफी फीचर)



