योगी ने पूरा किया अपने घर का सपना

उत्तर प्रदेश सरकार ने लंबित आवास आवंटन मामलों के निस्तारण की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 4 फरवरी को अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य में वर्षों से अटके पड़े आवासीय और व्यावसायिक आवंटन मामलों के समाधान के लिए वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस-2026) योजना को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। मुख्यमंत्री का साफ कहना था कि जनता को अनावश्यक रूप से भटकाने वाली प्रक्रियाओं का अंत होना चाहिए और सरकार की प्राथमिकता जनहित तथा विश्वास की बहाली है।
लखनऊ में आवास एवं शहरी नियोजन विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं, जो सरकारी आवास योजनाओं के तहत प्लॉट या मकान आवंटन के बाद भी भुगतान विवाद, जुर्माने या प्रक्रियागत देरी के कारण वर्षों से परेशान हैं। इससे न केवल आम नागरिकों को मानसिक और आर्थिक कष्ट उठाना पड़ता है, बल्कि सरकारी योजनाओं की प्रगति और राजस्व संग्रह भी प्रभावित होता है। योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार की मंशा विवाद बढ़ाने की नहीं, बल्कि समाधान देने की है।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ओटीएस -2026 योजना को सरल, पारदर्शी और व्यवहारिक बनाया जाए, ताकि आम लोग बिना किसी भय या भ्रम के इसका लाभ उठा सकें। उन्होंने यह भी कहा कि योजना में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की स्थिति को विशेष रूप से ध्यान में रखा जाए और भुगतान विकल्पों में लचीलापन रखा जाए। योगी ने जोर देकर कहा कि सरकार केवल बकाया वसूली नहीं चाहती, बल्कि नागरिकों को राहत देना चाहती है ताकि वे सम्मान के साथ अपने आवास संबंधी अधिकारों का उपयोग कर सकें।
मुख्यमंत्री ने पिछली ओटीएस योजनाओं के अनुभवों का उल्लेख करते हुए कहा कि कोविड-19 जैसी परिस्थितियों के कारण कई लोग समय पर भुगतान नहीं कर पाए थे, जिससे अपेक्षित परिणाम नहीं मिल सके। इस बार सरकार उन अनुभवों से सीख लेते हुए योजना को अधिक व्यावहारिक बना रही है। उन्होंने अधिकारियों से यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि योजना की जानकारी व्यापक स्तर पर जनता तक पहुंचे और किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार या अनावश्यक देरी की गुंजाइश न रहे। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब “रुकावट और उलझन” की राजनीति से आगे बढ़ चुका है। उनकी सरकार का लक्ष्य तेज फैसले, स्पष्ट नीतियां और जवाबदेह प्रशासन है। आवास जैसे संवेदनशील मुद्दे पर लोगों को वर्षों इंतजार कराना सरकार की कार्यशैली के खिलाफ है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि ओटीएस-2026 से न केवल हजारों लंबित मामलों का समाधान होगा, बल्कि इससे राज्य की आवासीय योजनाओं में नई गति आएगी और भविष्य में ऐसी समस्याओं की पुनरावृत्ति नहीं होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम योगी सरकार की उस नीति को दर्शाता है, जिसमें कानून-व्यवस्था के साथ-साथ प्रशासनिक सुधार और जनसुविधा को प्राथमिकता दी जा रही है। ओटीएस -2026 योजना के माध्यम से सरकार एक संदेश दे रही है कि उत्तर प्रदेश में अब समस्याएं टालने की नहीं, बल्कि उन्हें सुलझाने की राजनीति होगी। यदि यह योजना जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू होती है, तो यह लाखों लोगों के लिए राहत का कारण बनेगी और शासन के प्रति भरोसे को और मजबूत करेगी। (वीपी राहुल-हिफी फीचर)



