केंद्रीय बजट से यूपी को नई रफ्तार

केंद्र सरकार के आम बजट ने उत्तर प्रदेश के विकास को एक नई गति देने के संकेत दिए हैं। बजट में आधुनिक कनेक्टिविटी, बड़े पैमाने पर आधारभूत ढांचे में निवेश और रोजगारोन्मुखी योजनाओं को प्राथमिकता देकर यह साफ कर दिया गया है कि आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय विकास की धुरी बन सकता है। प्रदेश में आर्थिक और औद्योगिक गतिविधियों के तेज होने से न केवल निवेश बढ़ेगा, बल्कि रोजगार के अवसर भी व्यापक स्तर पर तैयार होंगे। बजट की सबसे अहम बात यह है कि पूर्वांचल, काशी क्षेत्र, बुंदेलखंड और टियर-टू व टियर-थ्री शहरों के लिए सिटी इकोनामिक रीजन (सीईआर) योजना की शुरुआत की जा रही है।
इस योजना का उद्देश्य विकास को केवल बड़े महानगरों तक सीमित न रखकर छोटे और मध्यम शहरों में आर्थिक गतिविधियों को मजबूत करना है। इससे लोगों की दिल्ली, मुंबई जैसे बड़े शहरों पर निर्भरता कम होगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार व उद्योग विकसित होंगे। कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर और झांसी जैसे शहरों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
सरकार के अनुसार आगामी पांच वर्षों में प्रत्येक सीईआर के लिए करीब 5000 करोड़ रुपये तक चरणबद्ध निवेश प्रस्तावित है।उत्तर प्रदेश को बजट से हाई-स्पीड रेल के रूप में भी बड़ी सौगात मिली है। देश में घोषित सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर में से दो महत्वपूर्ण कॉरिडोर उत्तर प्रदेश से जुड़े हैं। दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी। इन परियोजनाओं के पूरा होने पर दिल्ली से वाराणसी और आगे पूर्वी भारत तक रेल यात्रा तेज, सुरक्षित और अधिक सुविधाजनक हो जाएगी। यह केवल यात्रा का समय घटाने की योजना नहीं है, बल्कि व्यापार, पर्यटन और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी नई ताकत देने वाला कदम है।
इसी तरह राष्ट्रीय जलमार्ग-1 (गंगा) के तहत वाराणसी में इनलैंड वाटरवेज शिप रिपेयर इकोसिस्टम स्थापित करने की घोषणा भी महत्वपूर्ण है। इससे मालवाहक जहाजों और जलपोतों की मरम्मत व रखरखाव की सुविधा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होगी। जल परिवहन सस्ता और पर्यावरण अनुकूल विकल्प बनेगा, जिससे व्यापारिक लागत कम होगी और लॉजिस्टिक व्यवस्था मजबूत होगी। बजट में देशभर में 12.2 लाख करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) की घोषणा से भी उत्तर प्रदेश को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। इस निवेश से सड़क, राष्ट्रीय राजमार्ग, एक्सप्रेसवे, रेलवे नेटवर्क और लॉजिस्टिक हब के विस्तार को नई गति मिलेगी। औद्योगिक क्षेत्रों, डिफेंस कॉरिडोर और लॉजिस्टिक पार्कों में निवेश बढ़ने की संभावना है। रोजगार के लिहाज से बजट में खेल, एमएसएमई और वस्त्र उद्योग को प्रमुख क्षेत्रों के रूप में चिन्हित किया गया है।
खेल सामग्री निर्माण को बढ़ावा मिलने से मेरठ,
नोएडा और आगरा जैसे पारंपरिक केंद्रों को नई ऊर्जा मिल सकती है। कृषि क्षेत्र में
कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित ‘भारत-विस्तार’ योजना किसानों को मौसम, मिट्टी, फसल चक्र और बाजार की मांग के अनुसार सटीक सलाह देने में मदद करेगी। महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए शी-मार्ट्स, छात्राओं के लिए प्रत्येक जिले में गर्ल्स हॉस्टल, और
जिला अस्पतालों में इमरजेंसी सुविधाओं के विस्तार तथा ट्रामा सेंटर की योजना सामाजिक विकास की दिशा में मजबूत कदम हैं। कुल मिलाकर यह बजट उत्तर प्रदेश के लिए केवल घोषणाओं का दस्तावेज नहीं, बल्कि विकास की नई तस्वीर बनाने वाला रोडमैप साबित हो सकता है।(वीपी राहुल-हिफी फीचर)



