राजभर का थोथा दबाव

सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के नेता ओमप्रकाश राजभर जिस तरह से भाजपा पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं, उससे सफलता मिलने वाली नहीं है। यह सच है कि उत्तर प्रदेश मंे योगी आदित्यनाथ 2027 के विधानसभा चुनाव और उससे पहले पंचायत चुनाव मंे सहयोगी दलों को एकजुट रखने का भरसक प्रयास कर रहे हैं। सुभासपा भी एनडीए की सहयोगी पार्टी है लेकिन उसके नेता ओमप्रकाश राजभर इससे पहले अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीबी) कार्यकर्ताओं को गुंडा कहकर मधुमक्खी के छत्ते मंे पत्थर फेंक चुके हैं। विद्यार्थी परिषद के छात्रों ने राजभर के लखनऊ स्थित आवास के बाहर प्रदर्शन किया था। भाजपा उनका बचाव कैसे कर सकती थी। यह बात राजभर को बुरी लगी थी। अब उसी झुंझलाहट को वह बिहार विधानसभा चुनाव के बहाने निकालना चाहते हैं। सभी जानते हैं कि बिहार मंे सुभासपा का कोई जनाधार नहीं है। इसके बावजूद वह शिकायत कर रहे हैं कि भाजपा ने उनकी पार्टी को बिहार मंे चुनाव लड़ने के लिए कोई सीट नहीं दी है। राजभर ने भाजपा पर गठबंधन धर्म का पालन न करने का आरोप लगाते हुए एनडीए छोड़ने तक की धमकी दे दी है। हालांकि राजभर की इस धमकी मंे कोई दम नहीं है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव के चिढ़ाने से अगर वे चिढ़ गये तो यह भी उनकी राजनीतिक अपरिपक्वता कही जाएगी।
सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख और उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने एनडीए से गठबंधन तोड़ने की धमकी दी है। उन्होंने बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए से 4-5 सीटों की मांग की है। ओमप्रकाश राजभर का कहना है कि उनकी पार्टी को बिहार में चुनाव लड़ने के लिए एक भी सीट नहीं दी गई। उन्होंने इस बात के लिए नाराजगी भी जाहिर की है। राजभर ने आरोप लगाया कि भाजपा गठबंधन धर्म का पालन नहीं कर रही है। ओमप्रकाश राजभर ने यह भी कहा कि सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी बिहार में एक मोर्चा बनाएगी और सभी सीटों पर चुनाव लड़ेगी। उन्होंने कहा, अब सुभासपा बिहार चुनाव अपने दम पर लड़ने पर विचार कर रही है। हम एक मोर्चा बनाएंगे और वहां चुनाव लड़ेंगे। अब तक पार्टी ने पहले चरण की 52 सीटों के लिए उम्मीदवारों के नाम तय कर लिये हैं। हम 153 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। बिहार के लोगों, आप गठबंधन धर्म निभाना नहीं जानते, आपने अपने नेतृत्व को गलत फीडबैक दिया। हम अपने गठबंधन धर्म का पालन करने के लिए तैयार हैं। अभी भी कुछ समय है, अगर आप हमें अपने साथ रखना चाहते हैं, तो हमें 4-5 सीटें दे दीजिए।
सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर का यह बयान ऐसे समय में आया है जबकि एनडीए ने 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव के लिए सीट बंटवारे के फॉर्मूले की घोषणा कर दी है। एनडीए ने बिहार विधानसभा चुनावों के लिए सीट बंटवारे की आधिकारिक घोषणा कर दी। इस व्यवस्था के तहत, भाजपा और जद(यू) 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे, जबकि लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) 29 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) छह-छह सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। राज्य की 243 विधानसभा सीटों के लिए 6 नवंबर और 11 नवंबर को दो चरणों में मतदान होगा और मतगणना 14 नवंबर को होगी।
अब थोड़ा पीछे मुड़ते हैं। गत दिनों समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर जमकर हमला बोला था। उन्होंने बीजेपी को बेवफा करार देते हुए कहा कि यह पार्टी अपने सहयोगियों के साथ भी वफादारी नहीं निभाती। यह बयान तब आया जब बीजेपी की छात्र इकाई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के नेता और योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर के लखनऊ स्थित घर के बाहर प्रदर्शन किया। राजभर ने एबीवीपी कार्यकर्ताओं को गुंडा कह दिया था, जिसके बाद यह हंगामा शुरू हुआ।
हाल ही में ओम प्रकाश राजभर ने एबीवीपी कार्यकर्ताओं को गुंडा कहकर निशाना साधा था। उन्होंने यह बयान श्री रामस्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी में लॉ कोर्स की मान्यता को लेकर हुए विरोध के बाद दिया था। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन किया था, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। एबीवीपी का आरोप है कि राजभर ने इस लाठीचार्ज का समर्थन किया और उन्हें अपमानित किया। नाराज कार्यकर्ताओं ने लखनऊ के हजरतगंज इलाके में राजभर के घर के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर पथराव किया और राजभर का पुतला भी जलाया।अखिलेश यादव ने इस घटना को लेकर बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा, बीजेपी किसी की सगी नहीं। कल तक इसकी अपनी परिषद और वाहिनी आपस में लड़ रही थीं, और अब यह अपने तथाकथित सहयोगियों के घरों पर प्रदर्शन करवा रही है। उन्होंने एक ट्वीट में बीजेपी पर बांटने वाली सोच का आरोप लगाया और कहा कि यह पार्टी पहले अपने संगठनों में फूट डालती है और फिर अपने सहयोगियों को ठगती है। अखिलेश ने बिना नाम लिए तंज कसा, बीजेपी ने अपने तथाकथित सहयोगियों को ऐसी बदहाली में डाल दिया है कि वे अपने ही समाज में मुंह दिखाने लायक नहीं रहे।
अखिलेश ने राजभर पर तंज कसते हुए कहा, उनकी सियासी जिंदगी बर्बाद हो चुकी है। उनके हाथ-पैर ठंडे पड़ गए हैं और चेहरा पीला पड़ गया है। अखिलेश का इशारा पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं की तरफ था क्योंकि वे पीले रंग का गमछा पहनते हैं और उनका झंडा भी पीले रंग का है। उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी के पैसे के भूखे सहयोगी अब समझ रहे हैं कि यह पार्टी उनकी आर्थिक हालत तो सुधार सकती है, लेकिन इज्जत कभी नहीं देगी। अखिलेश ने आरोप लगाया, बीजेपी की रणनीति है कि पहले इस्तेमाल करो और फिर फेंक दो।
बीते साल के अंत में भी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (एसबीएसपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर का बड़ा बयान सामने आया था। उन्होंने कहा, हम दिल्ली और बिहार में चुनाव लड़ेंगे। अगर गठबंधन बन सका तो गठबंधन में चुनाव लड़ेंगे, नहीं तो अपने दम पर चुनाव लड़ेंगे। ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि दिल्ली और बिहार, जहां विधानसभा के चुनाव होने हैं, वहां पार्टी संगठन का काम तेजी से हो रहा है। पार्टी के नेताओं का मानना है कि हम लोग चुनाव लड़ेंगे। गठबंधन में सीट मिलेगी तो गठबंधन के साथ, नहीं तो अकेले चुनाव लड़ेंगे लेकिन चुनाव जरूर लड़ेंगे। बिहार में हम लोग 36 जिलों में पूरी तैयारी में हैं। गठबंधन को लेकर राजभर ने कहा कि हमारी बात हुई है। हमसे कहा गया है कि जब चुनाव की अधिसूचना जारी होगी, तब हम बैठकर बात करेंगे। अगर गठबंधन की बात नहीं बनी तो अकेले चुनाव लड़ेंगे।
बहरहाल, बिहार विधानसभा चुनाव के लिए एनडीए में सीट बंटवारा हो गया है।सीट बंटवारे के बाद उम्मीदवारों की पहली सूची को अंतिम रूप देने पर चर्चा हुई। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा, संगठन महासचिव बीएल संतोष और बिहार के वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
बिहार में पार्टी उम्मीदवारों के चयन में बीजेपी सिर्फ जातीय समीकरण ही नहीं साधेगी, बल्कि उम्मीदवार के चयन का मुख्य मानदंड निश्चित रूप से ‘जीतने की क्षमता’ भी होगा। पार्टी
टिकट वितरण में जातिगत और सामाजिक समीकरणों को संतुलित करके यह लक्ष्य हासिल करना चाहती है। इस बार कई महिला उम्मीदवारों को भी चुनाव लड़ने का मौका मिल सकता है। बीजेपी अपने अधिकांश सिटिंग विधायकों का टिकट नहीं काटने की योजना बना रही है। (अशोक त्रिपाठी-हिफी फीचर)



