रूस के विदेशी छात्रावास में हमला

रूस के बश्कोर्तोस्तान गणराज्य की राजधानी ऊफा में 8 फरवरी तड़के एक भयावह घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया। राज्य चिकित्सा विश्वविद्यालय के छात्रावास में एक किशोर ने घुसकर चाकू से हमला कर दिया, जिसमें कम से कम छह लोग घायल हो गए। घायलों में चार भारतीय छात्र और दो पुलिसकर्मी शामिल हैं। हमलावर को काबू में कर हिरासत में ले लिया गया है, लेकिन घटना ने विदेशी छात्रों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रूसी आंतरिक मंत्रालय के अनुसार, पंद्रह वर्षीय किशोर अचानक विश्वविद्यालय के उस छात्रावास में दाखिल हुआ, जहाँ विदेशी छात्र रहते हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से बताया गया कि हमले के बाद परिसर में हर ओर खून फैला हुआ था और छात्रों में अफरा-तफरी मच गई। कई छात्र जान बचाने के लिए अपने कमरों में बंद हो गए, जबकि कुछ लोग मदद के लिए बाहर भागे।सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और हमलावर को पकड़ने की कोशिश की। आंतरिक मंत्रालय की प्रवक्ता इरीना वोल्क के अनुसार, आरोपी ने गिरफ्तारी का विरोध किया, जिसके दौरान उसने दो पुलिसकर्मियों पर भी चाकू से वार कर दिया। इस संघर्ष में आरोपी ने स्वयं को भी चोट पहुँचाई। बाद में उसे काबू में कर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। रूसी संघ के स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी कि हमले में घायल चार नागरिकों का इलाज चल रहा है। इनमें से एक की हालत गंभीर है, जबकि तीन की स्थिति मध्यम बताई गई है। घायल पुलिसकर्मियों का भी उपचार किया जा रहा है। भारतीय दूतावास ने पुष्टि की है कि घायलों में चार भारतीय छात्र शामिल हैं और दूतावास स्थानीय प्रशासन के संपर्क में है। हमले के पीछे के कारणों को लेकर तत्काल आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पायी, लेकिन स्थानीय माध्यमों और सुरक्षा मामलों से जुड़े सूत्रों ने दावा किया है कि आरोपी के संबंध एक प्रतिबंधित उग्र राष्ट्रवादी संगठन से हो सकते हैं। कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि हमले के दौरान आरोपी ने नफरत फैलाने वाले नारे लगाए और छात्रावास की दीवार पर घृणासूचक चिह्न बनाए। रूस में बीते कुछ वर्षों के दौरान अतिवादी और नस्लवादी संगठनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। ऐसे कई संगठनों को न्यायालय द्वारा प्रतिबंधित घोषित किया गया है, जिससे सुरक्षा एजेंसियों को निगरानी और कार्रवाई के व्यापक अधिकार मिले हैं। इसके बावजूद, यह घटना दिखाती है कि ऐसे विचार अब भी समाज के कुछ हिस्सों में मौजूद हैं और कभी-कभी हिंसक रूप ले लेते हैं।ऊफा, जो मॉस्को से लगभग बारह सौ किलोमीटर पूर्व में स्थित है, एक प्रमुख शैक्षणिक केंद्र माना जाता है और यहाँ बड़ी संख्या में विदेशी छात्र अध्ययन करते हैं। यह हमला न केवल रूस में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाता है, बल्कि विदेशों में पढ़ रहे भारतीय छात्रों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ाता है।
(वीपी राहुल-हिफी फीचर)



