सम्पत्ति की घोषणा के साथ बालेन शाह का विरोध शुरू

नेपाल में प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह और उनके कैबिनेट सदस्यों की ओर से अपनी संपत्ति का ब्योरा पब्लिक किया गया है। शाह कैबिनेट ने भले ही पूरानी सरकार से अलग पदभार ग्रहण करने के एक महीने से भी कम समय में अपनी संपत्ति का विवरण सार्वजनिक कर दिया हो, लेकिन इसने आम जनता के बीच और आलोचना को जन्म दिया है। कैबिनेट सदस्यों की निजी संपत्ति जिसमें, जमीन, सोना, नकदी, शेयर बाजार में निवेश और वाहन शामिल हैं। न्यूज और सोशल मीडिया, दोनों जगह बहस और विवाद का विषय बन गई हैं। नेपाल के भ्रष्टाचार कानून के तहत सरकार पद हासिल करने वालों के लिए पदभार ग्रहण करने के 60 दिनों के भीतर अपनी संपत्ति का विवरण देना अनिवार्य है, लेकिन इसे सार्वजनिक करना अनिवार्य नहीं है। छात्रों के एक समूह ने 13 अप्रैल को विरोध प्रदर्शन करते हुए यह मांग की कि सार्वजनिक रूप से घोषित संपत्तियों के स्रोतों का खुलासा किया जाए और एक निष्पक्ष जांच की जाए ताकि यह पता चल सके कि मंत्रियों ने यह धन कैसे कमाया है।
नेपाल सरकार के भ्रष्टाचारों के खिलाफ हुए जैन-जी प्रदर्शनों के बाद बालेन शाह को प्रधानमंत्री बनाया गया है। उन्होंने दूसरे नेताओं से अलग हटकर गैर वीआईपी सुविधाएं लेने वाले एक नेता के तौर पर खुद को स्थापित किया है, लेकिन संपत्ति खुलासे के बाद उन पर कई तरह के आरोप लगने शुरू हो गए हैं। दी गई जानकारी के मुताबिक प्रधानमंत्री शाह के बैंक खाते में 14.6 मिलियन जमा हैं और आय के स्रोतों में डिजिटल प्लेटफॉर्म से होने वाली कमाई को बताया गया है। उनके पास काठमांडू, धनुषा और महोत्तरी जिलों में घर और जमीन है। इसके अलावा, उन्होंने अन्य कीमती चीजों के साथ-साथ 190 तोला पुश्तैनी सोना होने की भी घोषणा की है। इसी तरह उनके वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले ने 19 मिलियन के शेयर निवेश और लगभग 9 मिलियन की बैंक जमा राशि का खुलासा किया है। उनके पास ललितपुर में 20 मिलियन का एक रिहायशी घर और कई जगहों पर 107।5 मिलियन की जमीन भी है। उनकी संपत्ति के स्रोत पेशेवर आय और पुश्तैनी संपत्ति हैं। गृह मंत्री सुदान गुरुंग ने 43.1 मिलियन के शेयर निवेश, तीन जिलों में जमीन और 89 तोला सोने का जिक्र किया है।



