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कनाडा के पीएम कार्नी की पार्टी पूर्ण बहुमत में

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने 13 अप्रैल रात हुए एक उप-चुनावों में जीत हासिल की है। इस जीत के बाद उनकी लिबरल पार्टी बिना किसी विपक्षी दल के समर्थन के कानून पारित कर सकेगी। इस चुनाव में संसद की 343 सीटों में से तीन खाली सीटों के लिए वोट डाले गए थे। उप-चुनाव से पहले लिबरल पार्टी के पास हाउस ऑफ कॉमन्स (निचले सदन) में 171 सदस्य थे। हाल ही में विपक्षी दलों (खासकर मुख्य विपक्षी कंजर्वेटिव पार्टी) के 5 सदस्य कार्नी की पार्टी में शामिल हो गए। इससे लिबरल पार्टी बहुमत के करीब पहुंच गई थी, 13 अप्रैल को तीन सीटों पर हुए चुनाव के नतीजों ने उनका बहुमत पक्का कर दिया। कैनेडियन ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन (सीबीसी) ने भविष्यवाणी की है कि टोरंटो वाली सीट पर लिबरल पार्टी जीतेगी। बाकी दो सीटों (टेरेबोन सहित) के नतीजों की उम्मीद सोमवार रात तक आ जाने की है। राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर डेनियल बेलैंड के मुताबिक लिबरल पार्टी के लिए टोरंटो की दोनों सीटें जीतना लगभग तय है। इस जीत के बाद लिबरल पार्टी 2029 तक सत्ता में बनी रह सकती है। सीबीसी को दिए इंटरव्यू में प्रोफेसर बेलैंड ने बताया कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के दौरान कनाडा-अमेरिका संबंध बिगड़ने से कई कनाडाई लोग (जो खुद को लिबरल नहीं मानते) भी प्रधानमंत्री कार्नी के पीछे एकजुट हो गए हैं। मार्क कार्नी पहले बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक ऑफ कनाडा के प्रमुख रह चुके हैं। उन्होंने 2025 में जस्टिन ट्रूडो की जगह प्रधानमंत्री बनने के बाद लिबरल पार्टी को केंद्र-दक्षिणपंथ की ओर ले जाया है। इस चुनाव के बाद कार्नी की पार्टी संसद में पूर्ण बहुमत के साथ आ गई है। प्रोफेसर बेलैंड ने कहा कि कार्नी ने साबित कर दिया है कि वह एक चतुर राजनीतिक हैं, भले ही उन्होंने राजनीति में पिछले साल जनवरी में ही कदम रखा था।

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