बिलावल ने पीओके के चुनाव में धांधली का लगाया आरोप

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) चुनावों का दूसरा चरण 2 अगस्त को हुआ। इसमें मुजफ्फराबाद डिवीजन की नौ में से आठ सीटों और शरणार्थियों के लिए आरक्षित सभी 12 सीटों पर वोटिंग हुई। शरणार्थियों की सीटों के लिए वोटिंग सुबह 8 बजे शुरू हुई और शाम 5 बजे तक चली, जबकि मुजफ्फराबाद में वोटिंग का समय एक घंटे बढ़ाने के बाद प्रक्रिया शाम 6 बजे खत्म हुई।
रिपोर्ट के मुताबिक, पीओके के मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) गुलाम मुस्तफा मुगल ने बताया कि भारी बारिश की वजह से एलए-27 (मुजफ्फराबाद-1) में चुनाव प्रक्रिया टाल दी गई। भूस्खलन (लैंडस्लाइड) के कारण वोटिंग का सामान नहीं भेजा जा सका, इसलिए एलए-27 (जिसे आमतौर पर कुटला के नाम से जाना जाता है) में वोटिंग 4 अगस्त तक के लिए टाल दी गई। इसी तरह, एलए-28 (मुजफ्फराबाद-2) के 147 पोलिंग स्टेशनों में से 52 पर भी इसी वजह से वोटिंग 4 अगस्त तक टाल दी गई। मुजफ्फराबाद की सीटों और अलग-अलग इलाकों में बसे शरणार्थियों के लिए आरक्षित 12 सीटों के लिए 300 से ज्यादा उम्मीदवार मैदान में थे। पाकिस्तानी अखबार द डॉन के मुताबिक, धांधली के अपने आरोपों को जारी रखते हुए, पीपीपी के चेयरमैन बिलावल भुट्टो-जरदारी ने रविवार को पीएमएल-एन पर पीओके चुनावों के दूसरे चरण में भी वोट चुराने का आरोप लगाया। दिन में बाद में एक्स पर एक पोस्ट में, उन्होंने पार्टी के क्षेत्रीय अध्यक्ष चैधरी लतीफ अकबर जो एलए-31 (मुजफ्फराबाद-5) के उम्मीदवार भी हैं- पर हुए हमले की निंदा की।
इस घटना के पीछे पीएमएल-एन के उपद्रवी तत्वों का हाथ होने का आरोप लगाते हुए, बिलावल ने कहा कि उसी निर्वाचन क्षेत्र में पीपीपी कार्यकर्ता मुश्ताक शाह की हत्या कर दी गई। उन्होंने आरोप लगाया, पीएमएल-एन गोलियों, लाठियों और जबरदस्ती के जरिए कश्मीर के लोगों के वोट चुरा रही है। पीपीपी चेयरमैन ने मांग की कि अकबर पर हमले के लिए जिम्मेदार लोगों और पार्टी कार्यकर्ता के हत्यारों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। एक अलग बयान में, बिलावल ने कहा, पीएमएल-एन ने सारी हदें पार कर दी हैं। हमारे मतदाताओं और राज्य (पीओके) के अध्यक्ष पर हमले हो रहे हैं।



