नवीन की जुझारू टीम

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राष्ट्रीय स्तर पर अपने संगठन की टीम 17 अगस्त को घोषित कर दी है। टीम को अगले साल होने वाले पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव को ध्यान मंे रखकर बनाया गया है। बीएल संतोष और सुनील बंसल जैसे कुशल चुनावी रणनीतिकारों को महामंत्री का दायित्व सौंपा गया है। राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया की नाराजगी दूर करने के लिए उन्हंे राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। इसी प्रकार अमेठी मंे चुनावी जंग मजबूत करने के लिए स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया है। नितिन नवीन की टीम में 13 उपाध्यक्ष बनाए गये तो 8 महामंत्री का दायित्व संभालंेंगे। संगठन को विशेष रूप से मजबूत रखने के लिए संघ के कुशल नेता रहे पीएल संतोष को महामंत्री (संगठन) बनाया गया तो शिव प्रकाश और सौदान सिंह को सहमहामंत्री (संगठन) बनाया गया है। संगठन मंे महिलाओं को भी पर्याप्त स्थान दिया गया है। अल्पसंख्यकों को यह कहने का मौका नहीं मिलेगा कि संगठन मंे उनका प्रतिनिधि नहीं है। नितिन नवीन की टीम में प्रो. तारिक मंसूर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं तो बाहित अली को अल्पसंख्सयक मोर्चों का अध्यक्ष बनाया गया है। राज्यों में चुनाव की दृष्टि से यूपी के 8 नेता नितिन नवीन की टीम में शामिल हैं। हरीश ़िद्ववेदी और स्मृति ईरानी के साथ सुनील बंसल यूपी से हैं। तीरथ सिंह रावत उत्तराखण्ड का तो सरदार मनप्रीत सिंह बादल पंजाब का प्रतिनिधित्व करेंगे। इन दोनों राज्यांे मंे भी 2027 मंे विधानसभा के चुनाव होंगे। इस बार यूपी को सुनील बंसल की फिर जरूरत महसूस हो रही है। पश्चिम बंगाल में उनकी रणनीति काफी सफल रही।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की टीम का ऐलान हो गया है। इस टीम में कई बड़े चेहरों की एंट्री हुई है, जिनमें राम माधव, स्मृति ईरानी जैसे नेता शामिल हैं। इन दोनों नेताओं समेत कुल 13 लोगों को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा अमेठी की सांसद रहीं स्मति ईरानी को राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया है। त्रिपुरा के पूर्व सीएम बिप्लब देब की भी एंट्री हुई है। नितिन ने कुल 7 राज्यों से 8 महामंत्री बनाए हैं और सबसे ज्यादा 8 नेता यूपी के शामिल हुए हैं। इनमं स्मृति ईरानी के अलावा हरीश द्विवेदी भी शामिल हैं।
नितिन नवीन की इस टीम में कुल 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्षों में से 6 महिला हैं। इस तरह यह आंकड़ा महिला आरक्षण के 33 फीसदी से भी कहीं ज्यादा और करीब 50 पर्सेंट का है। इसके अलावा एक महिला नेता के तौर पर स्मृति ईरानी को महामंत्री बनाया गया है। चार महिलाओं को राष्ट्रीय सचिव के तौर पर एंट्री दी गई है।
नितिन की टीम में-
बीएल संतोष- महामंत्री (संगठन), शिवप्रकाश- सह-महामंत्री (संगठन), सौदान सिंह- सह-महामंत्री (संगठन), विनोद तावड़े, सुनील बंसल, बिप्लब कुमार देब, स्मृति ईरानी, सतीश पूनिया, गजेंद्र पटेल, हरीश द्विवेदी, संजय भाटिया को महामंत्री बनाया गया।
इसके साथ ही वसुंधरा राजे सिंधिया, तीरथ सिंह रावत, राम माधव, बैजयंत जय पांडा, डी पुरंदेश्वरी, रेखा वर्मा, वर्षाबेन नरेंद्रभाई दोशी, भारती प्रवीण पवार, सरदार मनप्रीत सिंह बादल, लाल सिंह आर्य, प्रो एम नागराज, प्रो तारीक मंसूर और मधुचंद्रा कार को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का दायित्व मिला है।
नितिन नवीन की नई टीम में उत्तर प्रदेश का खास ध्यान रखा गया है। इस टीम में उत्तर प्रदेश से 8 नेताओं को जगह मिली है। उत्तर प्रदेश से डॉ. भोला सिंह, संगीता यादव, स्मृति ईरानी, हरीश द्विवेदी, तारिक मंसूर, कुंवर बासित अली, अमरपाल मौर्य और रेखा वर्मा शामिल हैं। नितिन नवीन की नई टीम में 16 राष्ट्रीय मंत्री बनाए गए हैं, जिनमें से दो- डॉ. भोला सिंह और संगीता यादव उत्तर प्रदेश से हैं। स्मृति ईरानी और हरीश द्विवेदी को राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया है, वहीं रेखा वर्मा और तारिक मंसूर को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है।
डॉ. भोला सिंह बुलंदशहर सीट से बीजेपी के सांसद हैं। वह जमीनी स्तर से जुड़े नेता माने जाते हैं और बुलंदशहर से लगातार तीन बार से लोकसभा चुनाव जीतते आ रहे हैं। वह संसद की कई महत्वपूर्ण समितियों के सदस्य भी रहे हैं और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भाजपा के मजबूत स्तंभों में से एक हैं। इसी प्रकार संगीता यादव उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सांसद हैं। इससे पहले वह चैरी-चैरा विधानसभा सीट से विधायक भी रह चुकी हैं। पार्टी ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय महामंत्री के रूप में भी जिम्मेदारी दी है। वह पूर्वांचल
क्षेत्र की एक प्रखर महिला नेता
और पार्टी का प्रमुख ओबीसी (महिला) चेहरा हैं।
स्मृति ईरानी 2011 से 2019 तक गुजरात से राज्यसभा सांसद रहीं। 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने अमेठी से राहुल गांधी को हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। मोदी सरकार में मंत्री रही हैं। वह 2024 में चुनाव हार गई थीं। 2010 से 2013 तक बीजेपी महिला मोर्चा की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। इसी प्रकार हरीश द्विवेदी बस्ती से आते हैं। वह 2012 का विधानसभा चुनाव हार गए थे। इसके बाद 2014 और 2019 में लगातार दो बार बस्ती सीट से लोकसभा चुनाव जीता। बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव भी रह चुके हैं। असम समेत कई राज्यों के प्रभारी भी रहे हैं। रेखा वर्मा उत्तर प्रदेश की धौरहरा लोकसभा सीट से दो बार की सांसद रही हैं। वह 2024 का चुनाव हार गई थीं लेकिन 2019 से वह बीजेपी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं। इसके साथ ही उन्हें उत्तराखंड भाजपा का सह-प्रभारी भी बनाया गया था। वह अवध क्षेत्र में पार्टी की बेहद मजबूत महिला नेता मानी जाती हैं।
संगठन में शामिल मुस्लिम चेहरा तारिक मंसूर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के कुलपति रह चुके हैं। अभी विधान परिषद के सदस्य हैं। वह अलीगढ़ के जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में डिपार्टमेंट ऑफ सर्जरी में भी प्रोफेसर रह चुके हैं। वह पार्टी के प्रमुख प्रबुद्ध मुस्लिम चेहरों में से एक हैं, जो पसमांदा मुस्लिम समाज और शिक्षा के क्षेत्र में पार्टी की नीतियों को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं। दूसरे नेता कुंवर बासित अली उत्तर प्रदेश बीजेपी के बड़े अल्पसंख्यक नेता हैं। वह यूपी में अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष भी रहे हैं। बीजेपी में उनका प्रमोशन हो गया है। यूपी की टीम से सीधे राष्ट्रीय टीम में शामिल हो गए हैं।
सुनील बंसल ने 2014 लोकसभा चुनाव के बाद 2017 यूपी विधानसभा, 2019 लोकसभा चुनाव और फिर 2022 के विधानसभा चुनावों में प्रचंड जीत दिलाने का काम किया। यूपी में 2014 से पहले पार्टी संगठन की स्थिति बहुत दयनीय थी, लेकिन सुनील बंसल ने बूथ स्तर पर संगठन के ढांचे को मजबूत किया। यही वजह है कि उनकी बूथ से लेकर प्रदेश स्तर तक संगठन पर मजबूत पकड़ मानी जाती है। इसलिए नितिन नवीन की यह टीम अनुभवी, समाज में प्रभावी व जुझारू समझी जा रही है।
(अशोक त्रिपाठी-हिफी फीचर)



