भारत ने ईरान को दी चिकित्सा सहायता व मदद

भारत की ओर से ईरान को सहायता भेजी गई है। मुश्किल दौर में भारत ने ईरान को चिकित्सा सहायता दी है और मदद भेजी है। इसके लिए ईरान के दूतावास ने भारत के लोगों का धन्यवाद किया है। दूतावास ने एक्स पर एक पोस्ट में अपील की कि लोग केवल उसके आधिकारिक बैंक खाते के जरिए ही योगदान करें, ताकि किसी तरह का दुरुपयोग न हो। साथ ही दूतावास ने चेतावनी दी कि अनौपचारिक क्यूआर कोड या यूपीआई लिंक पर भरोसा न करें, क्योंकि ये उनके द्वारा अधिकृत नहीं हैं और इसके लिए वे जिम्मेदार नहीं होंगे। दूतावास ने इस मुश्किल समय में भारतीय नागरिकों के सहयोग के लिए आभार जताया।
इस बीच अरब देशों के बीच राजनीतिक संपर्क बढ़ रहा है क्योंकि वे इस युद्ध को खत्म करने की मांग करने वाली लगभग अकेली आवाज बन गए हैं। रियाद में होने वाली बैठक के साथ यह प्रयास आने वाले हफ्तों में और तेज होने की उम्मीद है। हालांकि ईरान और अरब देश इस संघर्ष में अलग-अलग पक्षों में हैं, लेकिन दोनों मानते हैं कि यह युद्ध लगातार फैलता जा रहा है और जितना लंबा चलेगा, उतना बड़ा होगा। अरब नेताओं और नागरिकों का मानना है कि अमेरिका की नीतियों ने उनके हितों को नजरअंदाज किया है, जिससे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ी है। ईरान और इजरायल के बीच चल रहा युद्ध अब 19वें दिन में पहुंच गया है और संकट और भी ज्यादा गहरा गया है। ईरान-अमेरिका युद्ध के 18वें दिन इजरायल ने तेहरान में जो कार्रवाई की, उसमें ईरान के दो सबसे वरिष्ठ लीडर भी मारे गए। ईरान के सुरक्षा प्रमुख और खामेनेई के करीबी अली लारीजानी और बसीज बलों के कमांडर गुलारजा सुलेमानी के इजरायली हवाई हमले में मारे जाने की खबरों के बाद पूरे तेहरान में एक बार फिर से मातम पसर गया। इसके जवाब में ईरान ने इजरायल की ओर क्लस्टर बम दागे और अपने लीडर्स का बदला लेने की कसम खाई है। इसके बाद इस युद्ध के और भी ज्यादा विध्वंसक होने की आशंका बढ़ गई है।



