लेखक की कलम

धामी के नेतृत्व में ही भाजपा लड़ेगी चुनाव

उत्तर प्रदेश मंे भले ही केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने योगी आदित्यनाथ का खुलकर नाम नहीं लिया लेकिन उत्तराखंड में भाजपा पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में ही 2027 का विधानसभा चुनाव लड़ेगी। उत्तराखंड राज्य की स्थापना के बाद पहली बार पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व मंे भाजपा की लगातार दूसरी बार सरकार बनी है। भाजपा का विश्वास है कि धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड मंे पार्टी की लगातार तीसरी बार सरकार बनेगी और एक कीर्तिमान स्थापित होगा। बीजेपी ने उत्तराखंड में हैट्रिक लगाने के लिए कमर कस ली है। पार्टी ने गुटबाजी पर लगाम कसने और राज्य के नेताओं को एक टीम की तरह काम करने का निर्देश दिया है। एसआईआर के कारण जिन लोगों के नाम वोटर लिस्ट से कट गए हैं। उनके नाम दोबारा जोड़ने के लिए पार्टी राज्यव्यापी अभियान भी चलाने जा रही है। उधर, कांग्रेस भू कानून, पलायन, अग्निवीर योजना, महंगाई और बेरोजगारी को लेकर बीजेपी को घेर रही है। हालांकि अग्निवीर योजना मंे केन्द्र सरकार ने जो सुधार किया है, उससे यह मुद्दा विपक्ष के लिए किसी काम का नहीं रहा है।
उत्तराखंड में बीजेपी ने पिछले विधानसभा चुनाव में इतिहास रच दिया था। राज्य की स्थापना के बाद से ही ऐसा पहली बार हुआ था, जब किसी दल ने सत्ता में वापसी की हो। अब बीजेपी की कोशिश लगातार तीसरी बार चुनाव जीत कर एक नया इतिहास बनाने की है। हालांकि, बीजेपी जानती है कि यह एक बड़ी चुनौती है। इसीलिए पार्टी ने कई मोर्चों पर काम करने की रणनीति बनाई है। सत्ता विरोधी लहर का सामना करने के लिए बीजेपी अपने 47 में से करीब 10 विधायकों के टिकट भी काट सकती है। इसके अलावा बीजेपी संगठन को चाक-चैबंद करने में जुट गई है। पार्टी नेताओं से गुटबाजी पर लगाम कसने को कहा गया है। इसके लिए वरिष्ठ नेता संवाद कर रहे हैं। पुराने नेताओं और कार्यकर्ताओं की शिकायतों को दूर करने की कोशिश की जा रही है।
बीजेपी वर्तमान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में ही चुनाव लड़ेगी। वे नारायण दत्त तिवारी के बाद ऐसे दूसरे मुख्यमंत्री हैं जो पांच साल तक सीएम रहे हैं। हालांकि तिवारी लगातार पांच साल सीएम रहे थे। पार्टी उनकी सरकार की उपलब्धियों को जनता के बीच लेकर जाएगी। महिला मतदाताओं को लुभाने के लिए बीजेपी सरकार कुछ नई योजनाओं का वादा भी कर सकती है। युवाओं को रोजगार को लेकर भी वादे किए जाएंगे। बीजेपी के अनुसार पलायन भी एक बड़ा मुद्दा है जिसे लेकर सरकार की ओर से उठाए गए कदमों के बारे में जनता को बताया जाएगा।
बीजेपी का मानना है कि उत्तराखंड में जेन जी की नाराजगी जैसा कोई मुद्दा नहीं है। दिल्ली में हुए काकरोच जनता पार्टी के आंदोलन का असर उत्तराखंड तक नहीं पहुंचा। इसी तरह इंडिया ब्लॉक की ओर से वोट चोरी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का भी बीजेपी के मुताबिक, जमीन पर असर नहीं है। पार्टी इसे ध्यान में रख कर ही अपनी जवाबी रणनीति बना रही है।
(अशोक त्रिपाठी-हिफी फीचर)

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