महिलाओं के सम्मान की रक्षा

हमारी भारतीय संस्कृति और सभ्यता मंे महिलाओं को अत्यधिक सम्मान देने की परम्परा रही है। उन्हें घर की लक्ष्मी कहा जाता है और दुर्गा के रूप मंे उपासना की जाती है। प्राचीनकाल से नारी सम्मान और उनकी विद्वता की कहानियां हम पढ़ते-सुनते आये हैं। मौजूदा समय में केन्द्र और राज्य की सरकारें नारी शक्ति वंदन जैसे आयोजन इसीलिए करती हैं ताकि समाज में महिलाओं के प्रति आदर की भावना पैदा हो। अफसोस तब होता है जब राजनेता उनका अपमान करते हैं। हाल ही मंे दक्षिण भारत के राज्य तमिलनाडु में पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन पर एक महिला के प्रति अपशब्द कहने का आरोप लगाया गया। यह महिला वहां के मुख्यमंत्री थलापति विजय की मित्र तृषा कृष्णन हैं। तृषा तमिलनाडु की लोकप्रिय अभिनेत्री हैं। उदयनिधि स्टालिन ने कावेरी जल विवाद के संदर्भ मंे एक रैली के दौरान तृषा कृष्णन को लेकर ऐसे शब्द का प्रयोग किया जिसके दो अर्थ निकलते हैं। इसके बाद सत्तारूढ़ टीवीके और विपक्षी दल भाजपा के नेताओं ने उदयनिधि की गिरफ्तारी की मांग की थी। विजय की सरकार ने 4 अगस्त को महिला सम्मान की रक्षा करते हुए उदयनिधि को गिरफ्तार कर लिया। उदयनिधि ने भारतीय सनातन धर्म का भी उपहास उड़ाया था। उन्होंने पीएम मोदी के पिता का नाम लेकर भी टिप्पणी की थी।
तमिलनाडु में पूर्व डिप्टी सीएम उदयनिधि स्टालिन को 4 अगस्त को गिरफ्तार कर लिया गया है। एक्ट्रेस तृषा पर विवादित कमेंट को लेकर उन पर ये कार्रवाई की गई है। गिरफ्तारी के बाद उदयनिधि स्टालिन ने कहा, मैं इसका कानूनी रूप से सामना करूंगा। मैं इस गिरफ्तारी को एक मजाक मानता हूं। न सिर्फ मैं, बल्कि डीएमके का आखिरी कार्यकर्ता भी कार्रवाई से नहीं डरेगा। एक रैली में अभिनेत्री के बारे में स्टालिन के बेटे की टिप्पणियों से भारी विवाद खड़ा हो गया था। टवीके ने डीएमके नेता की आपत्तिजनक टिप्पणियों की कड़ी आलोचना की थी। नारायणन ने बदले की भावना के आरोप को खारिज करते हुए कहा, उदयनिधि स्टालिन को मुख्यमंत्री विजय या टीवीके के खिलाफ बोलने के लिए नहीं, बल्कि एक महिला का अपमान करने के लिए गिरफ्तार किया गया है। टीवीके नेता ने उदयनिधि पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें अपना नाम बदलकर वल्गर-निधि कर लेना चाहिए। सोमवार को तंजावुर में कावेरी विवाद को लेकर एक विरोध प्रदर्शनमें उदयनिधि ने मुख्यमंत्री जोसेफ विजय पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि तमिलनाडु को कावेरी का एक बूंद पानी भी नहीं मिला, जबकि मुख्यमंत्री इस मामले को लेकर बेपरवाह बने रहे हैं। यह रैली तब विवादों में घिर गई जब भीड़ में से किसी ने त्रिशा, त्रिशा के नारे लगाए। उदयनिधि ने अपना भाषण रोककर एक कुटिल मुस्कान के साथ आपत्तिजनक और दोहरे अर्थ वाली टिप्पणी की। उनकी इस टिप्पणी के बाद भारी राजनीतिक विरोध शुरू हो गया। इस टिप्पणी की कड़ी आलोचना करते हुए वीटीके ने राष्ट्रीय महिला आयोग को पत्र लिखा और द्रमुक नेता के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पार्टी ने उदयनिधि के खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई है। अपनी शिकायत में कहा है, भीड़ के नारों से प्रेरित होकर, उदयनिधि स्टालिन ने एक सेलेब्रिटी को निशाना बनाते हुए आपत्तिजनक दोहरे अर्थ वाली और अश्लील टिप्पणियां कीं। शिकायत में आगे कहा गया है कि एक हाई-प्रोफाइल राजनीतिक मंच से इस तरह की भाषा का इस्तेमाल सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं को वस्तु समझने और उनके मौखिक उत्पीड़न को सामान्य बनाता है। इससे पहले, तमिलनाडु बीजेपी ने उदयनिधि की टिप्पणियों को लेकर उनकी गिरफ्तारी की मांग भी की थी। बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता नारायणन तिरुपति ने कहा, तंजावुर में मुख्यमंत्री विजय और तृषा के बारे में उदयनिधि स्टालिन का दोहरे अर्थ वाला भाषण घिनौना, अश्लील, भद्दा और शर्मनाक है। सच तो यह है कि कोई बदमाश या चोर भी, जिसकी मां, पत्नी और बेटी हो, इतनी भद्दी बातें नहीं करेगा। कोई भी मां, पत्नी या बेटी ऐसे लोगों को माफ नहीं करेगी जो ऐसी बातें करते हैं, लेकिन यह शर्मनाक है कि पूर्व मुख्यमंत्री एम के स्टालिन चुपचाप देखते रहते हैं।
इस साल की शुरुआत में तमिलनाडु बीजेपी नेता नैनार नागेंद्रन ने टिप्पणी की थी कि राजनीति में आने से पहले विजय को तृषा के घर से बाहर निकलना चाहिए। उस समय उनकी कानूनी टीम ने उनकी ओर से जवाब दिया था। सनातन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर विवादित बयान देने वाले उदयनिधि स्टालिन अब पुलिस हिरासत में है। स्टालिन को हिरासत में लेने के बाद उनके पुराने विवादित बयान भी चर्चा में आ गए हैं। पिछले कुछ वर्षों में सनातन धर्म, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, एआईएडीएमके नेताओं और अब मुख्यमंत्री विजय को लेकर दिए गए उनके कई बयान राजनीतिक विवाद का कारण बने हैं। तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन ने सितंबर 2023 में एक कॉन्फ्रेंस के दौरान सनातन धर्म को लेकर विवादित बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि कुछ चीजों का सिर्फ विरोध नहीं होना चाहिए, बल्कि उन्हें जड़ से खत्म किया जाना चाहिए। हम डेंगू, मच्छर, मलेरिया या कोरोना वायरस का विरोध नहीं कर सकते। हमें इसे खत्म करना होगा। इसी तरह हमें सनातन को खत्म करना है।
तमिलनाडु विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में अपने संबोधन के दौरान उन्होंने समाज को बांटने वाली विचारधाराओं के विरोध का हवाला देते हुए सनातन पर फिर से टिप्पणी की थी। इस दौरान थलपति विजय के सामने ही उन्होंने सनातन धर्म को खत्म करने की बात कही थी। बड़ी बात यह थी कि इस पर थलपति विजय ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी। अपने विवाद बयानों के लिए चर्चा में रहने वाले उदयनिधि स्टालिन ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी नहीं छोड़ा था। फरवरी 2026 में कोयंबटूर में एक कार्यक्रम के दौरान उदयनिधि स्टालिन ने कहा था कि लोग पीएम मोदी को टीवी पर देखकर डरते हैं। उन्होंने आगे कहा था कि डीएमके पार्टी पीएम मोदी या उनके पिता से भी नहीं डरती।
उदयनिधि स्टालि ने 2021 के विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री एडप्पादी के पलानीस्वामी पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा वीके शशिकला के पैर छूने के लिए लाश की तरह रेंगकर जाना पड़ा था। इस भाषण का एक वीडियो वायरल हो गया और विभिन्न हलकों से इसकी कड़ी आलोचना हुई थी। स्टालिन ने अब सीएम विजय की दोस्त त्रिशा कृष्णन पर विवाद बयान दिया है। उन्होंने कहां कि कावेरी का एक बूंद पानी भी नहीं मिला लेकिन क्या मुख्यमंत्री ने इस पर मुंह खोला? नहीं। उन्हें केवल डीएमके के खिलाफ झूठे मामले दर्ज कराने की चिंता है। उन्होंने कहा कि भले ही हमारे यहां पानी न आए, लेकिन वहां जरूर पहुंचना चाहिए। उन्हें इसी बात की परवाह है।
(अशोक त्रिपाठी-हिफी फीचर)



