तेजस्वी की मुसीबतें बढ़ीं

बिहार के विधानसभा चुनाव में इस बार राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव की अच्छी संभावनाएं दिख रहीं थीं लेकिन मुसीबतें ऐसी हैं जो उनकी उम्मीदों पर पानी फेर सकती हैं। रेलवे के खानपान विभाग (आईआरसीटीसी) के दो होटलों के रख-रखाव एक फर्म को देने में घोटाले का आरोप लगाया गया। सीबीआई ने इस मामले में पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी तथा राज्य के डिप्टी सीएम रह चुके तेजस्वी यादव के खिलाफ आरोप तय कर दिये गये हैं। आरोप धोखाधड़ी के हैं और यदि सजा सुनाई गयी तो तेजस्वी यादव का तो राजनीतिक भविष्य ही अंधकारमय हो सकता है। हालांकि तीनों नेताओं ने आरोपों को मानने से इनकार किया है लेकिन इनकी गर्दन पर तलवार 10 नवम्बर तक लटकी रहेगी। इस बीच राज्य में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान प्रारंभ हो चुका होगा। बिहार विधानसभा के चुनाव दो चरण में होंगे। पहले चरण का मतदान 6 नवम्बर को होगा जबकि दूसरे चरण का मतदान 11 नवम्बर को होना है। आईआरसीटीसी मामले में अगली सुनवाई 10 नवम्बर को होगी। उधर, सत्तारूढ़ दलों में सीटों का बंटवारा हो गया है। जद (यू) और भाजपा 101-101 सीटों पर चुनाव लडें़गे। चिराग पासवान को सम्मान जनक 29 सीटें मिली हैं। विपक्षी महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर दरार उभर आयी है। ऐलान होने से पहले ही सीपीआई (एमएल) ने अपने उम्मीदवार का ऐलान कर दिया है। घोसी विधानसभा सीट से सीपीआई ने रामबली सिंह का नाम घोषित कर दिया है। तेजस्वी यहां से राहुल शर्मा को चुनाव लड़ाना चाहते थे। राहुल शर्मा जद (यू) के घोसी से विधायक थे। अब वह राजद में आ गये हैं। इस प्रकार तेजस्वी के सामने मुसीबतें ज्यादा बढ़ गयी हैं।
बिहार में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है। इस बीच आरजेडी चीफ लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और उनके बेटे तेजस्वी यादव की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इसी 13 अक्टूबर को दो मामलों में लालू यादव, राबड़ी यादव और तेजस्वी यादव के खिलाफ आरोप तय करने को लेकर कोर्ट में सुनवाई होनी थी। आईआरसीटीसी मामले में कोर्ट में लालू, राबड़ी और तेजस्वी की पेशी हुई। कोर्ट ने लालू, राबड़ी और तेजस्वी सहित सभी 14 आरोपियों पर आरोप तय कर दिया है, जबकि लैंड फॉर जॉब मामले की सुनवाई 10 नवंबर तक के लिए टाल दी गई है।दरअसल, आईआरसीटीसी घोटाला मामले में आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव, राबड़ी यादव, तेजस्वी यादव और बाकी के खिलाफ आरोप तय करने को लेकर राऊज एवेन्यु कोर्ट ने 13 अक्टूबर को आदेश सुनाया। कोर्ट के आदेश के मुताबिक लालू प्रसाद यादव, राबड़ी यादव और तेजस्वी यादव कोर्ट में पेश हुए। यह मामला लालू प्रसाद यादव के रेलमंत्री रहने के दौरान आईआरसीटीसी के दो होटल के रखरखाव का कॉन्ट्रैक्ट एक फर्म को देने में की गई गड़बड़ी से जुड़ा है। सीबीआई ने इस केस में लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और करप्शन के आरोप लगाए थे। वहीं तीनों की ओर से दलील दी गई थी कि सीबीआई के पास इस केस में मुकदमा चलाने के लिए सबूत नहीं है। इस मामले में कुल 14 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए गए हैं।
जिन धाराओं के तहत आरोप तय किए हैं, उनमें आईपीसी की धारा 420-20 के तहत आरोप तय हुए हैं। इसके अलावा सिर्फ लालू प्रसाद यादव पर प्रीवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट की धारा 13(2) और 13 (1)(क) के तहत आरोप तय हुए हैं। आरोप तय करते समय कोर्ट ने लालू यादव से पूछा कि क्या आप अपना अपराध मानते हैं? इस पर लालू प्रसाद यादव समेत राबड़ी और तेजस्वी यादव ने अपना अपराध मनाने से इनकार कर दिया था। तीनों ने कहा कि वह मुकदमे का सामना करेंगे। वहीं राबड़ी देवी ने कहा कि यह केस गलत है। वहीं दूसरा केस जमीन के बदले नौकरी घोटाला मामले से जुड़ा हुआ है। इस मामले में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के खिलाफ आरोप तय करने को लेकर राऊज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई टल गई है। इस मामले में सुनवाई 10 नवंबर को होगी, जिस पर फैसला आ सकता है। मामले में सीबीआई का केस है कि लालू प्रसाद यादव के रेल मंत्री रहने के दौरान (2004-2009 के बीच) बिहार के लोगो को मुंबई, जबलपुर, कलकत्ता, जयपुर, हाजीपुर में ग्रुप डी पोस्ट के लिए नौकरी दी गई। इसके एवज में नौकरी पाने वाले लोगों ने लालू प्रसाद के परिजनों, परिजनों के स्वामित्व वाली कंपनी के नाम अपनी जमीन ट्रांसफर की।
विपक्षी गठबंधन में दरार पड़ती दिखाई दे रही है। सीट बंटवारे का ऐलान होने से पहले ही सीपीआई (माले) ने अपने उम्मीदवार का ऐलान कर दिया है। पार्टी ने घोसी सीट से रामबली सिंह को प्रत्याशी बनाया है। दो दिन पहले तेजस्वी यादव ने घोसी से जदयू के पूर्व विधायक और भूमिहार जाति से आने वाले राहुल शर्मा को राष्ट्रीय जनता दल की सदस्यता दिलाई थी। माना जा रहा है कि राजद इस सीट से राहुल शर्मा को उतारेगी। इसी आशंका को देखते हुए माले ने अपने विधायक रामबली सिंह यादव को टिकट दे दिया। घोसी सीपीआईएम माले की सिटिंग सीट है। रामबली सिंह यादव पिछली बार भी यहां से चुनाव जीते थे, लेकिन उनकी सीट को खतरा महसूस होने पर पार्टी ने गठबंधन की तरफ से सीट शेयरिंग का ऐलान होने से पहले ही उन्हें टिकट दे दिया।
बिहार में सीटों के बंटवारे को लेकर एनडीए और इंडिया दोनों गठबंधन में बवाल हो रहा है। इंडिया गठबंधन में इन पंक्तियों के लिखे जाने तक सीटों का बंटवारा नहीं हुआ था और पार्टियों ने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान शुरू कर दिया है। वहीं, एनडीए गठबंधन में सीट शेयरिंग फाइनल हो चुकी है, लेकिन छोटे दलों के बीच असंतुष्टि साफ नजर आ रही है। उपेंद्र कुशवाहा और जीतनराम मांझी दोनों की पार्टियों को छह-छह सीटें दी गई हैं। इससे दोनों नाराज हैं। एपी राजभर ने भी बिहार में छह सीटों की मांग की है और ऐसा नहीं होने पर बगावत की चेतावनी दी है। ऐसे में किसी भी गठबंधन के लिए बगवात रोकना और सभी को साधते हुए जनता तक एकजुटता का संदेश देना आसान नहीं हो रहा है।
चुनाव में महागठबंधन के दलों के बीच सीट शेयरिंग में हो रही देरी को लेकर अब सियासत तेज हो गई है। एनडीए में सीट शेयरिंग हो गई है। महागठबंधन में अब तक सीटों का पेंच सुलझा नहीं है। महागठबंधन के सीट शेयरिंग का ऐलान हो सकता है। महागठबंधन के सहयोगी दलों के नेता दिल्ली पहुंचे हैं। दिल्ली मंे पटना से दिल्ली रवाना होते समय वीआईपी चीफ मुकेश सहनी ने महागठबंधन की सेहत को लेकर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि महागठबंधन थोड़ा अस्वस्थ है।
इन सबके बीच 13 अक्टूबर राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के बीच सीट शेयरिंग को लेकर चर्चा हुई। महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर जारी खींचतान के बीच लैंड फॉर जॉब मामले की सुनवाई के लिए दिल्ली पहुंचा लालू परिवार सीट शेयरिंग की पेंच सुलझाने में भी लगा है। लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव दिल्ली में हैं। बिहार चुनाव में एक तरफ जहां एनडीए ने सीट शेयरिंग में बाजी मार ली है तो महागठबंधन में हो रही देरी और पटना से दिल्ली तक जारी एक्सरसाइज ये बताने के लिए काफी है कि विपक्षी गठबंधन के सहयोगी दल अब भी एकमत नहीं हैं।(अशोक त्रिपाठी-हिफी फीचर)



