ईरान युद्ध के आलोचक देशद्रोही: ट्रम्प

ईरान के साथ जारी तनातनी के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा बयान देकर नई बहस छेड़ दी है। ट्रंप ने साफ लहजे में कहा है कि अगर कोई यह कहता है कि अमेरिका ईरान के साथ युद्ध नहीं जीत रहा है, तो ऐसी बातें देशद्रोह के समान हैं। ट्रंप ने एक हालिया कार्यक्रम में अमेरिकी सैन्य शक्ति की तारीफ की। उन्होंने उन आलोचकों को आड़े हाथों लिया जो ईरान के खिलाफ अमेरिकी अभियान की सफलता पर सवाल उठा रहे हैं। ट्रंप का मानना है कि अमेरिका युद्ध जीत रहा है और इसके उलट राय रखना देश के साथ गद्दारी जैसा है। ट्रंप ने कहा, हमारी सेना और नौसेना महान है। उन्होंने उस घटना को याद किया जब अमेरिकी सेना ने एक जहाज के इंजन रूम पर फायरिंग की थी। बताया जा रहा है कि यह जहाज आयरन वॉल (अमेरिकी घेराबंदी) को टक्कर मारने की कोशिश कर रहा था। यह घटना पिछले महीने की है जब अमेरिकी युद्धपोत यूएसएस स्प्रुआंस ने ईरानी ध्वज वाले जहाज तौस्का को रोका था। डोनाल्ड ट्रंप ने क्यूबा को लेकर कहा है कि अमेरिकी सेना ईरान युद्ध से निपटने के बाद क्यूबा पर कब्जा करेगी। हालांकि उन्होंने ये बात हल्के फुल्के अंदाज में कही थी। उन्होंने कहा कि हम अपने युद्धपोत को क्यूबा के तट पर लगा देंगे बस इसके बाद खुद क्यूबा सरेंडर कर देगा।
उधर, ईरान ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को एक नया 14 सूत्रीय शांति प्रस्ताव भेजा है, लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे फिलहाल ठंडे बस्ते में डाल दिया है। ट्रंप ने साफ लहजे में कहा है कि वे इस प्रस्ताव से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने पत्रकारों से दो टूक कहा कि उनके पास अब सिर्फ दो ही रास्ते बचे हैं, या तो उन्हें (ईरान को) पूरी तरह तबाह कर दें या फिर कोई ठोस डील करें।
ट्रंप का तर्क है कि ईरान के साथ चल रहे मौजूदा संघर्ष विराम ने इस समय सीमा को तकनीकी रूप से रोक दिया है, हालांकि कानूनी विशेषज्ञ उनके इस दावे को चुनौती दे रहे हैं।



