ट्रम्प कहते हैं अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ

अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर हो गया है। सीजफायर के बाद अब अमेरिका ने कहा है कि ईरान के साथ आमने-सामने की बातचीत की योजनाओं को लेकर अभी कुछ भी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। सप्ताह के अंत में पाकिस्तान में होने वाली अमेरिका-ईरान वार्ता में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की भागीदारी के बारे में पूछे गए सवालों पर व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने एक बयान में कहा, आमने-सामने की बातचीत के बारे में चर्चा चल रही है, लेकिन राष्ट्रपति या व्हाइट हाउस द्वारा घोषणा किए जाने तक कुछ भी अंतिम नहीं है। अमेरिका के उपराष्ट्रपति फिलहाल हंगरी में हैं। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 8 अप्रैल को यह भी कहा कि लेबनान को संघर्षविराम समझौते में हिजबुल्लाह की वजह से शामिल नहीं किया गया था, वह एक अलग झड़प है। हिजबुल्लाह पर ट्रंप के बयान के बाद कहा जा रहा है कि ईरान सीजफायर से पीछे हट सकता है। एक जानकार सूत्र ने तसनीम न्यूज एजेंसी को बताया कि अगर इजरायल लेबनान पर लगातार हमले करके सीजफायर समझौते का उल्लंघन जारी रखता है, तो ईरान इस समझौते से पीछे हट सकता है। तसनीम न्यूज एजेंसी को ईरान के अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड के करीब माना जाता है।
सूत्र ने कहा कि ईरान सीजफायर के दायरे से बाहर निकलने की संभावना पर विचार कर रहा है। उसने बताया कि सभी मोर्चों पर, जिसमें लेबनान के खिलाफ लड़ाई भी शामिल है, जंग रोकने की बात को अमेरिका ने 2 हफ्ते के युद्धविराम प्रस्ताव के हिस्से के तौर पर स्वीकार किया था। सूत्र ने कहा कि इस समीक्षा के साथ-साथ, ईरान की सेना उन लक्ष्यों की पहचान कर रही है, जिनके खिलाफ लेबनान पर हुए इजरायली हमलों के जवाब में कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, लेबनान पर इजरायली हमलों में कम से कम 112 लोग मारे गए हैं। मध्य बेरूत पर हमले बिना किसी चेतावनी के हुए थे। इन हमलों में कम से कम 837 लोग घायल भी हुए हैं। पिछले एक महीने के दौरान लेबनान में 1,500 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और 10 लाख से अधिक अन्य लोग विस्थापित हो गए हैं।



