पद को लेकर ट्रम्प की महत्वाकांक्षा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वे 2028 के चुनाव में उपराष्ट्रपति पद के लिए नहीं लड़ेंगे। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि क्या वे तीसरे कार्यकाल के लिए कोशिश करेंगे या नहीं। इस बयान के बाद उनके कार्यकाल को बढ़ाने की संभावनाओं पर एक बार फिर से चर्चा शुरू हो गई है। अमेरिकी संविधान के 22वें संशोधन के अनुसार, कोई भी व्यक्ति दो बार से अधिक राष्ट्रपति नहीं बन सकता। कुछ समर्थकों ने इस रोक से बचने का रास्ता सुझाया है। जैसे कि ट्रंप उपराष्ट्रपति के तौर पर चुनाव लड़ें और फिर राष्ट्रपति के इस्तीफा देने पर पद संभाल लें। लेकिन संवैधानिक विशेषज्ञों का कहना है कि यह रास्ता भी बंद है। संविधान के 12वें संशोधन में साफ लिखा है कि जो व्यक्ति राष्ट्रपति बनने के योग्य नहीं है, वह उपराष्ट्रपति भी नहीं बन सकता।
मलयेशिया से टोक्यो जाते वक्त एयरफोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा, श्मुझे यह करने की अनुमति होगी, लेकिन मैं ऐसा नहीं करूंगा। यह बहुत चालाकी होगी। मुझे नहीं लगता लोग इसे पसंद करेंगे। यह सही नहीं होगा। ट्रंप ने यह भी कहा कि वे इस विचार को बहुत चालाक और अनुचित मानते हैं। तीसरे कार्यकाल के सवाल पर ट्रंप ने कहा, मुझे यह पसंद आएगा। मेरे आंकड़े अब तक के सबसे अच्छे हैं। वहीं जब उनसे पूछा गया कि क्या वे तीसरा कार्यकाल नहीं लड़ने की बात स्पष्ट रूप से कह रहे हैं, तो उन्होंने जवाब दिया, क्या मैं मना कर रहा हूं? यह आपको बताना होगा। उन्होंने अदालत में इस मुद्दे पर लड़ाई लड़ने के सवाल पर कहा कि मैंने इसके बारे में अभी सोचा नहीं है। ट्रंप इस समय 79 वर्ष के हैं। अगर वे 2028 में चुनाव लड़ते हैं तो उनकी उम्र 82 वर्ष होगी, जिससे वे अमेरिका के इतिहास के सबसे बुजुर्ग राष्ट्रपति बन जाएंगे।



