वल्र्ड इकोनाॅमिक फोरम ने ग्रीन लैण्ड पर कब्जे के प्रयास को बताया अवैध

स्विट्जरलैंड में चल रहे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (विश्व आर्थिक) मंच में ग्रीनलैंड के मुद्दे पर अमेरिका जबरदस्त तरीके से घिर गया है। यूरोपीय और नाटो देशों ने ग्रीनलैंड(ग्रेटलैंड) पर अमेरिका के जबरन कब्जे के प्रयासों को अवैध बताते हुए राष्ट्रपति ट्रंप पर कड़ा प्रहार किया है। इस सम्मेलन में ट्रंप के भी पहुंचने की उम्मीद है। मगर उनके आने से पहले ही विश्व नेताओं ने अमेरिका को ग्रीनलैंड के मामले पर अंतरराष्ट्रीय कठघरे में खड़ा कर दिया है। नाटो सहयोगी डेनमार्क से ग्रीनलैंड पर नियंत्रण हासिल करने की उनकी महत्वाकांक्षा यूरोपीय सहयोगियों के साथ संबंधों को नुकसान पहुंचा सकती है और वैश्विक अभिजात वर्ग की इस सभा में उनकी मूल योजना घरेलू स्तर पर किफायती जीवन की समस्याओं पर चर्चा को प्रभावित कर सकती है। बता दें कि ट्रंप दावोस में अंतरराष्ट्रीय मंच पर तब पहुँच रहे हैं, जब उन्होंने डेनमार्क और सात अन्य सहयोगियों पर टैरिफ की धमकी दी है। इससे वह यूरोपीय देशों से घिर गए हैं। दावोस सम्मेलन में पहुंचने से पहले ट्रंप ने कहा है कि अगले महीने टैरिफ 10 फीसद से शुरू होंगे और जून तक 25 फीसद तक बढ़ जाएंगे। ट्रंप ने यह टैरिफ ग्रीनलैंड पर अमेरिकी रुख का समर्थन नहीं करने वाले देशों पर लगाने का ऐलान किया है। ग्रीनलैंड पर अमेरिकी रुख का समर्थन नहीं करने वाले देशों पर ट्रंप के टैरिफ के ऐलान ने भी उनके सामने दावोस में कड़ी चुनौती पेश की है। ट्रंप के दावोस आगमन से पहले यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने चेतावनी दी कि यदि ट्रंप टैरिफ आगे बढ़ाते हैं तो ब्लॉक की प्रतिक्रिया अटल, एकजुट और आनुपातिक होगी।



