निवेश ला रहा योगी का ट्रिपल ‘एस’

अब उत्तर प्रदेश निवेशकों को अच्छा लग रहा है। इसका एक उदाहरण गत 3 फरवरी को भी मिला जब यूपी फार्मा कान्क्लेव मंे फार्मा कम्पनियों ने 10 हजार करोड़ रुपये के निवेश पर सहमति जतायी। इस अवसर पर 5525 करोड़ के 11 एमओयू पर हस्ताक्षर किये गये। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उपस्थित थे। उन्होंने बताया कि प्रदेश मंे अब तक 50 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। इनमंे 20 लाख करोड़ रुपये के प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हें। इससे प्रदेश के राजस्व के साथ युवाओं को नौकरी भी मिली है। उत्तर प्रदेश मंे अर्ना फार्मा के साथ 1250 करोड़, इतनी ही रकम के सथ बायोजेटा के साथ एमओयू हुआ है। इसके अलावा शुक्रा फार्मास्यूटिकल के साथ 737 करोड़ और वाल्टर वुशलेन के साथ 590 करेाड़ के निवेश का एमओयू हुआ। मुख्यमंत्री योगी ने फार्मा कम्पनियों को प्रदेश मंे निवेश अनुकूल माहौल के लिए ट्रिपल एस का फार्मूला बताया। उन्हांेने इसे स्पष्ट करते हुए कहा कि प्रदेश मंे सेफ्टी, स्टेबिलिटी और स्पीड की गारंटी है जो निवेशकों को आश्वस्त करती है। योगी ने कहा कि प्रदेश मंे कानून से खिलवाड़ करने की छूट किसी को नहीं है। मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि यूपी मंे वन डिस्ट्रिक, वन प्रोडक्ट अर्थात् ओडी-ओपी के माध्यम से लोकल को ग्लोबल बनाने का सफल माॅडल प्रस्तुत किया गया है। यही कारण है कि 2016-17 में यूपी का सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) 13.3 लाख करोड़ था जो 2024-25 मंे बढ़कर 29.8 लाख करोड़ हो गया है। इसी प्रकार 2016-17 मंे प्रति व्यक्ति आय 54564 थी जो 2024-25 मंे बढ़कर 1.20 लाख रुपये हो गयी। यह सब ट्रिपल एस का प्रभाव है।
लखनऊ मंे सम्पन्न ‘उत्तर प्रदेश फार्मा कॉन्क्लेव 1.0’ में देश और दुनिया की दिग्गज फार्मा कंपनियों के चेयरमैन और शीर्ष नेतृत्व ने राज्य की बदलती तस्वीर, मजबूत शासन व्यवस्था और निवेश के अनुकूल माहौल की खुलकर सराहना की। कॉन्क्लेव में एक स्वर में यह राय सामने आई कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने ऐसे बुनियादी और संरचनात्मक बदलाव किए हैं, जो राज्य ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए दिशा तय कर रहे हैं। राज्यसभा सदस्य और रामकी ग्रुप के चेयरमैन अयोध्या रामी रेड्डी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व को देश और समाज के लिए ‘उत्कृष्ट कमिटमेंट’ बताया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में जो बुनियादी परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं, वे अभूतपूर्व हैं। यूपी क्या है और आगे क्या बनने जा रहा है, इसका रोडमैप मुख्यमंत्री योगी ने स्पष्ट कर दिया है। यह न केवल राज्य बल्कि पूरे देश को नई दिशा देगा। अयोध्या रामी रेड्डी ने अपने चार दशक के अनुभव साझा करते हुए कहा कि पिछले 40 वर्षों में उन्होंने उत्तर प्रदेश में ऐसा सकारात्मक निवेश माहौल पहले कभी नहीं देखा। उन्होंने कानून-व्यवस्था, अकाउंटेबिलिटी और इंटीग्रिटी को दीर्घकालिक विकास की बुनियाद बताया। उनके अनुसार, एक मजबूत नेतृत्व पूरे सिस्टम को बदल सकता है और उत्तर प्रदेश इसका जीवंत उदाहरण है।
इसी प्रकार टोरेंट ग्रुप के वाइस चेयरमैन जीनल मेहता ने कहा कि पिछले 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और लॉ एंड ऑर्डर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी ने यूपी के 20 जिलों में काम किया है, लेकिन कहीं भी लॉ एंड ऑर्डर या रेड टेप की समस्या नहीं आई। मैनकाइंड फार्मा के चेयरमैन रमेश जुनेजा ने यूपी के पुराने दौर की कड़वी यादें साझा कीं। उन्होंने कहा कि 1995 में कंपनी शुरू करने के दौरान माहौल अनुकूल नहीं था। 2001 में उनके परिवार के साथ एक गंभीर घटना हुई, जिसके बाद उन्हें प्रदेश छोड़ना पड़ा। उन्होंने कहा कि हर रात के बाद एक अच्छी सुबह होती है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आने के बाद यूपी में वही सुबह आई है। आज देर रात भी लोग खुद को सुरक्षित महसूस करते हैं, इसी वजह से निवेशक यूपी का रुख कर रहे हैं। डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज के चेयरमैन सतीश रेड्डी ने कहा कि फार्मा सेक्टर में भारत की भूमिका वैश्विक स्तर पर मजबूत हुई है, जिसका उदाहरण कोविड काल में देखने को मिला। भारत ने उस दौरान लाखों जिंदगियां बचाईं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की नीतियां बेहद प्रभावी हैं और उनकी कंपनी यहां काम करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
जाइडस लाइफ साइंसेज के चेयरमैन पद्मभूषण पंकज रमनभाई पटेल ने कहा कि किसी भी इंडस्ट्री के लिए भूमि, बिजली, पानी और प्रशिक्षित मैनपावर जरूरी होती है और ये सभी संसाधन उत्तर प्रदेश में भरपूर उपलब्ध हैं। इसी वजह से फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर के लिए यूपी एक आदर्श राज्य के रूप में उभर रहा है। पद्मश्री से सम्मानित और सन फार्मास्यूटिकल्स के चेयरमैन दिलीप सांघवी ने कहा कि सन फार्मा आज
़देश की सबसे बड़ी और दुनिया
की चैथी सबसे बड़ी फार्मा कंपनी है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ऐसा राज्य है, जहां कंपनी अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करना चाहती है। पिछले कुछ वर्षों में लॉ एंड ऑर्डर में हुए
़सुधार ने यूपी को देश के सबसे
सुरक्षित निवेश स्थलों में शामिल कर दिया है।
उल्लेखनीय है, उसी दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष के आरोपों पर जवाब देते हुए कहा था उनकी सरकार की पहली प्राथमिकता राज्य को विकसित प्रदेश बनाना है। उन्होंने कहा कि इसके लिए निवेश का बेहतर माहौल बनाना जरूरी है और सबसे महत्वपूर्ण है कानून व्यवस्था की गारंटी। योगी ने कहा कि वे इसी काम में लगे हुए हैं। बता दें कि राज्य में अपराधियों के एनकाउंटर हो रहे हैं जिस पर विपक्षी दलों के नेता सवाल उठाते हैं। योगी ने विपक्ष के आरोपों पर जवाब देते हुए कहा कि जब अपराधी कानून को नहीं मानता और वह पुलिस पर फायर करता है, तो क्या पुलिस को बंदूक सिर्फ दिखाने के लिए दी गई है? योगी ने कहा कि उन्होंने पुलिस को खुली छूट दी है और अपराधी जिस भाषा में समझते हैं, उन्हें उसी भाषा में सबक सिखाया जाएगा। योगी आदित्यनाथ ने कहा, यूपी में आप अनुमान करिए 2012 से 17 के बीच 900 से अधिक दंगे हुए थे। कोई सिटी ऐसी नहीं थी जहां कर्फ्यू का दौर न गुजरा हो। कोई उद्यमी, चिकित्सक ऐसा नहीं था जिसने गुंडा टैक्स न दिया हो। जब सुरक्षा नहीं होगी तो पहले से उद्यम भी पलायन कर रहे थे। यूपी के हर व्यापारी की पीड़ा है जिसने उस दौर को देखा था। हम लोगों ने तय किया जीरो टॉलरेंस। अगर अपना व्यक्ति गलत करेगा तो उस पर भी वही कानून लागू होगा जो माफिया और अपराधी पर लागू होगा। कोई अपना पराया नहीं होगा।
योगी ने आगे कहा, जब हम लोगों ने कार्रवाई प्रारंभ की, प्रयास किया कि कानून के दायरे में रहकर काम करें। आप भी इस बात को समझते होंगे अगर सामने वाला व्यक्ति भयभीत नहीं है तो कानून के दायरे में लाकर कानून की भाषा समझाना तात्कालिक परिस्थिति हो जाती है। बहुत बार लोग टिप्पणी करते हैं कि पुलिस ने गोली क्यों मार दी। अगर पुलिस गोली न मारे तो क्या गोली खाए। दोनों काम एक साथ नहीं चल सकते। अगर उस अपराधी को गोली चलाने की स्वतंत्रता है तो पुलिस के पास हमने इसलिए पिस्तौल दी है कि मुकाबला करे। जिस भाषा में समझे उसी भाषा में समझाएं। पिछले 9 वर्ष में यूपी में यही हुआ। योगी के राज में 260 अपराधी एनकाउंटर में मारे जा चुके हैं और 10 हजार से ज्यादा हाफ एनकाउंटर हुए हैं। (अशोक त्रिपाठी-हिफी फीचर)



