ईरान की सराहनीय पहल

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने युद्ध समाप्त करने के लिए पहल की है। मिडिल ईस्ट में ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जंग का जब तेरहवां दिन था। ये लड़ाई हर गुजरते दिन के साथ तेज ही हो रही थी, तभी ईरान ने लड़ाई खत्म करने के लिए कदम उठाया और दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में जंग के जल्द खत्म होने के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा है कि ईरान में अब कुछ भी नहीं बचा है और अमेरिका ने अपने सभी टारगेट पूरे किए। इसलिए युद्ध समाप्ति के प्रयास होने चाहिए।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने जंग को खत्म करने के लिए 3 अहम शर्तें बता दी हैं। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने आधिकारिक हैंडल से ट्वीट कर के कहा-रूस और पाकिस्तान के नेताओं से बात करते हुए, मैंने क्षेत्र में शांति के लिए ईरान की प्रतिबद्धता की पुष्टि की है। इजरायल और अमेरिका की ओर से शुरू किए गए इस युद्ध को खत्म करने का एकमात्र तरीका- ईरान के वैध अधिकारों, मुआवजे का भुगतान और भविष्य की आक्रामकता के खिलाफ दृढ़ अंतर्राष्ट्रीय गारंटी को मान्यता देना है। मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिर से बड़ा दावा किया है। ट्रंप ने कहा कि ईरान में सैन्य ठिकानों और टारगेट्स पर बड़े पैमाने पर हमले हो चुके हैं जिस वजह से अब ईरान में कुछ भी नहीं बचा है। उनकी वायु सेना से लेकर उनके सभी एंटी-डिफेंस को खत्म कर दिया गया है और अब जब भी वो चाहेंगे ये जंग खत्म हो जाएगी। हालांकि ट्रंप ने ये साफ नहीं किया कि युद्ध खत्म करने के लिए अमेरिका किस तरह की रणनीति अपनाएगा लेकिन उन्होंने कहा कि ईरान ने दुनिया को 47 साल का नुकसान पहुंचाया और अब वो इसकी कीमत चुका रहा है। इसलिए ईरान की शर्तों पर भी विचार करना होगा। उसका निश्चित रूप से बहुत नुकसान हुआ है।
दूसरी ओर इजरायल का हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमला जारी है। इजरायल ने लेबनान के बेरूत पर जोरदार अटैक किया है। इजरायल के हवाई हमलों ने बेरूत के दक्षिणी शहर में बुर्ज अल-बरजनेह को तबाह कर दिया है। इजरायल के हमले के बाद बेरूत के रिहायशी इलाकों में जोरदार धमाकों की आवाज सुनायी पड़ी और कई मकानों में आग लग गयी। लेबनान की हेल्थ मिनिस्ट्री के मुताबिक 2 मार्च से जारी इजरायली हमले में अबतक 86 बच्चों और 47 महिलाओं सहित 600 से ज्यादा नागरिकों की मौत हो चुकी है जबकि 1 हजार 444 लोग घायल हो गए हैं। बेहतर होगा कि इस युद्ध को किसी भी तरह से बंद कराया जाए। ईरान के राष्ट्रपति ने पहली बार युद्ध रोकने के लिए कुछ शर्तें रखी हैं। जरूरी नहीं कि सभी मानी जाएं लेकिन शांति का रास्ता तो खुल सकता है।
(मोहिता-हिफी फीचर)



