विश्व-लोक

न्यायिक सुधार जनमतसंग्रह में मेलोनी पराजित

ईरान जंग का असर सबसे पहले इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी पर देखने को मिला है। इटली में न्यायिक सुधार को लेकर कराए गए जनमत संग्रह में मेलोनी बुरी तरह हार गई हैं। 2022 के बाद पहली बार मेलोनी को किसी चुनाव में झटका लगा है। अगर मतदाताओं का मूड इसी तरह का रहता है तो आने वाले वक्त में मेलोनी की कुर्सी जा सकती है। क्योंकि इटली में अगले साल प्रधानमंत्री पद के लिए आम चुनाव प्रस्तावित हैं। स्थानीय मीडिया के मुताबिक न्यायिक सुधार को लेकर कराए गए जनमत संग्रह में 54 प्रतिशत लोगों ने मेलोनी सरकार के खिलाफ मतदान किया है। इससे अब पीएम मेलोनी इटली की न्यायपालिका में ज्यादा दखल नहीं दे पाएंगी।
यूगोव नामक सर्वे एजेंसी ने जनमत संग्रह से पहले एक सर्वेक्षण किया था। इसके मुताबिक इटली की 77 प्रतिशत जनता ने मेलोनी सरकार के कामकाज से नाराजगी जाहिर की थी। जनता का मुख्य मुद्दा युद्ध से ऊर्जा की कीमतों में अचानक वृद्धि था। इटली के आम नागरिकों का कहना था कि यूरोप में बिजली के लिए सबसे ज्यादा भुगतान हम कर रहे हैं। जंग के कारण स्थिति और बिगड़ सकती है। पाॅलिटिको के मुताबिक 2024 के बाद मेलोनी ने खुद को ट्रंप के नजदीक दिखाने की कोशिश की। कई मौकों पर जब यूरोप के नेता ट्रंप के खिलाफ थे, तब भी मेलोनी ने ट्रंप का खुलकर समर्थन किया। जनमत संग्रह से पहले आम नागरिकों में यह धारणा बन गई कि आने वाले वक्त में उसे भी जंग में घसीटा जा सकता है। मेलोनी इस धारणा को नहीं तोड़ पाईं।

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